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पटना में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत अब राजनीतिक मुद्दा बन गई है। पुलिस की 11 लापरवाहियां, CCTV फुटेज और CBI जांच के बीच विपक्ष ने सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पीड़ित परिवार को न्याय का इंतजार है।
पटना से दिल्ली तक सियासी उबाल
Patna: पटना में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत अब राज्य की सीमाएं लांघकर राष्ट्रीय राजनीति का मुद्दा बन गई है। इस मामले को लेकर विपक्ष ने पटना से लेकर दिल्ली तक विरोध प्रदर्शन किया। बिहार विधानसभा के बाहर भी विपक्षी दलों ने सरकार पर लापरवाही और मामले को दबाने का आरोप लगाया।
विरोध के बीच भारतीय जनता पार्टी ने बयान जारी कर कहा है कि वह इस मामले को लेकर गंभीर है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि मामले की जांच अब CBI कर रही है और सच्चाई सामने लाई जाएगी।
NEET छात्रा की मौत को लेकर शुरू में इसे एक संदिग्ध घटना बताया गया था, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, रेप और हत्या की आशंका ने जोर पकड़ लिया। अब यह मामला सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि राजनीतिक टकराव का बड़ा मुद्दा बन चुका है।
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विपक्ष ने सरकार को घेरा (Img- Internet)
मामले में पुलिस की गंभीर चूक सामने आई है।
1. चित्रगुप्तनगर थानेदार तीन दिन बाद हॉस्टल पहुंची।
2. छात्रा के कपड़े जब्त नहीं किए गए।
3. पहले दिन सिर्फ चालक को मौके पर भेजा गया।
4. हॉस्टल और छात्रा के कमरे को सील नहीं किया गया।
5. प्रभात अस्पताल की रिपोर्ट को सही मान लिया गया।
6. छात्रा का इलाज पीएमसीएच में नहीं कराया गया।
7. पोस्टमॉर्टम से पहले ही रेप से इनकार कर दिया गया।
8. नींद की गोली से मौत की बात फैलाई गई।
9. कार्रवाई में अनावश्यक देरी हुई।
10. रिपोर्ट आने के बाद ही पुलिस सक्रिय हुई।
11. पीएमसीएच की रिपोर्ट पर संदेह कर एम्स भेजा गया।
मामले में सामने आए एक CCTV फुटेज ने जांच को और जटिल बना दिया है। यह फुटेज शंभू गर्ल्स हॉस्टल का बताया जा रहा है, जिसमें एक व्यक्ति अचेत छात्रा को गोद में उठाकर ले जाता दिख रहा है। व्यक्ति ने मंकी कैप पहन रखी है। फुटेज में हॉस्टल की अन्य छात्राएं भी घबराहट में भागती-दौड़ती नजर आ रही हैं। बताया जा रहा है कि यह दृश्य छात्रा को अस्पताल ले जाते समय का है।
इस मामले को लेकर पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव और आरजेडी ने सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि नीट छात्रा के कथित दुष्कर्म और हत्या मामले को सुलझाने की बजाय बिहार सरकार ने CBI को केस सौंपकर अपनी प्रशासनिक व्यवस्था की भ्रष्ट, अक्षम, अकुशल और गैर-पेशेवर प्रकृति को उजागर कर दिया है।
फिलहाल पीड़ित परिवार न्याय की आस लगाए बैठा है। CBI जांच से उम्मीद की जा रही है कि मामले की परतें खुलेंगी और दोषियों को सजा मिलेगी। सवाल यही है कि क्या छात्रा को इंसाफ मिलेगा या यह मामला भी सियासी बयानबाज़ी में दबकर रह जाएगा।