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केंद्रीय बजट 2026 को लेकर देशभर में चर्चा तेज़ है। इसी कड़ी में डाइनामाइट न्यूज़ पर बजट का गहन और ज़मीनी विश्लेषण प्रस्तुत किया गया। इस बजट के विश्लेषण में डाइनामाइट न्यूज़ के एग्जीक्यूटिव एडिटर सुभाष रतूड़ी ने वरिष्ठ पत्रकार और आर्थिक विश्लेषक प्रकाश चावला और वरिष्ठ पत्रकार सुनील कुमार बत्रा से विस्तार से बातचीत की।
New Delhi: केंद्रीय बजट 2026 को लेकर देशभर में चर्चा तेज़ है। इसी कड़ी में डाइनामाइट न्यूज़ पर बजट का गहन और ज़मीनी विश्लेषण प्रस्तुत किया गया। इस विशेष चर्चा में देश के वरिष्ठ पत्रकार और आर्थिक विश्लेषक प्रकाश चावला के साथ वरिष्ठ पत्रकार सुनील कुमार बत्रा से डाइनामाइट न्यूज़ के एग्जीक्यूटिव एडिटर सुभाष रतूड़ी ने विस्तार से बातचीत की।
चर्चा के दौरान प्रकाश चावला ने कहा कि बजट 2026 केवल आंकड़ों का दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि यह सरकार की देश की दीर्घकालिक व्यवस्था, आर्थिक स्थिरता और सामाजिक संतुलन को मज़बूत करने की मंशा को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि बजट में बुनियादी ढांचे, रोजगार सृजन और मध्यम वर्ग को राहत देने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
वहीं शक्ति सुनील कुमार बत्रा ने बजट को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक ठोस कदम बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के लिए किए गए प्रावधान आने वाले वर्षों में समाज के अंतिम व्यक्ति तक असर डालेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि बजट में युवाओं और किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले गए हैं।
सुभाष रतूड़ी के सवालों के जवाब में दोनों विशेषज्ञों ने यह स्पष्ट किया कि यह बजट केवल वर्तमान जरूरतों को नहीं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। राजकोषीय अनुशासन बनाए रखते हुए विकास को गति देने का प्रयास इसमें साफ़ दिखाई देता है।