Bihar Food Poisoning: नालंदा में खाना खाते ही बेहोश होकर गिरे तीन दर्जन से अधिक बच्चे, सब्जी में मिली संदिग्ध गोली

बिहार के नालंदा में बुधवार को एक मध्य विद्यालय में मिड-डे मील खाने से 20 से अधिक बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उल्टी, पेट दर्द और चक्कर आने के बाद बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 20 May 2026, 3:22 PM IST
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Nalanda: बिहार के नालंदा जिले से फूड पॉइजनिंग का एक बड़ा मामला सामने आया है। बुधवार को नगरनौसा प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय, कैला में दोपहर का भोजन (मिड-डे मील) करने के बाद अचानक 20 से अधिक बच्चों की तबीयत खराब हो गई। स्कूल का खाना खाने के कुछ ही देर बाद बच्चों को तेजी से उल्टी होने लगी और कई बच्चों ने पेट में तेज दर्द, चक्कर आने और बेचैनी की शिकायत की। एक साथ इतने बच्चों के बीमार पड़ने से स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया।

अस्पताल में मची अफरा-तफरी

घटना की खबर जैसे ही गांव में फैली, बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और बच्चों के अभिभावक परेशान होकर विद्यालय पहुंच गए। आनन-फानन में सभी बीमार बच्चों को इलाज के लिए नगरनौसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और आसपास के विभिन्न निजी अस्पतालों में ले जाया गया। डॉक्टरों ने तुरंत बच्चों का इलाज शुरू कर दिया है।

कई बच्चों की हालत गंभीर

अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, फूड पॉइजनिंग के कारण कई बच्चों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद कुछ बच्चों की बिगड़ती हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर और उच्च स्तरीय इलाज के लिए बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया गया है। फिलहाल डॉक्टर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, वहीं इस घटना के बाद से पीड़ित बच्चों के परिजनों में भारी आक्रोश और चिंता का माहौल है।

खाने में गोली मिलने का सनसनीखेज दावा

अस्पताल में इलाज करा रही पांचवीं कक्षा की छात्रा अमृता कुमारी ने पूरी घटना की आंखों देखी कहानी बयां की। अमृता ने बताया कि बुधवार को दोपहर के भोजन में सभी बच्चों को चावल और चने की सब्जी परोसी गई थी। खाना खाने के दौरान उसे सब्जी के भीतर एक संदिग्ध रासायनिक गोली जैसी वस्तु दिखाई दी। छात्रा के अनुसार, जब तक इस बात का पता चलता, तब तक लगभग सभी बच्चे वही भोजन खा चुके थे।

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इसके ठीक बाद एक-एक कर बच्चों का जी मिचलाने लगा और वे जमीन पर गिरने लगे। छात्राओं ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि नियमों के बावजूद इस बार किसी भी शिक्षक ने परोसने से पहले भोजन को चखकर जांचना जरूरी नहीं समझा।

शिक्षकों की भी बिगड़ी तबीयत

इस पूरे घटनाक्रम में केवल बच्चे ही नहीं, बल्कि स्कूल के शिक्षक भी फूड पॉइजनिंग का शिकार हुए हैं। बताया जा रहा है कि बाद में अमरेश सर नामक एक शिक्षक ने भी उसी भोजन को खा लिया था, जिसके कुछ ही देर बाद उन्हें भी तेज चक्कर आने लगे और शरीर बेसुध होने लगा। हालत बिगड़ती देख उन्हें भी तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। इस बात से साफ है कि भोजन पूरी तरह से दूषित और विषैला हो चुका था।

एकता फाउंडेशन की लापरवाही पर फूटा गुस्सा

जानकारी के मुताबिक, इस विद्यालय में मिड-डे मील की आपूर्ति ‘एकता फाउंडेशन’ नामक एनजीओ (संस्था) द्वारा की जाती है। इस हादसे के बाद ग्रामीणों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा है और उन्होंने संस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का सीधा आरोप है कि संस्था द्वारा स्वच्छता और गुणवत्ता के मानकों को ताक पर रखकर खाना तैयार किया जाता है और बिना किसी विभागीय जांच के इसे मासूम बच्चों को परोसकर उनकी जान जोखिम में डाल दी गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस संस्था का लाइसेंस रद्द करने और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

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प्रधानाध्यापिका ने दी आधिकारिक जानकारी

पूरे मामले पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका रजनी कुमारी ने बताया कि बुधवार के मेन्यू के अनुसार बच्चों को छोला और चावल परोसा गया था। खाना शुरू करते ही अचानक बच्चों की हालत बिगड़ने लगी और वे उल्टी-दस्त के बाद बेहोश होने लगे। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता बच्चों की जान बचाना थी, इसलिए तुरंत उन्हें एम्बुलेंस से नगरनौसा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और चंडी रेफरल अस्पताल भेजा गया। इस पूरी लापरवाही और दर्दनाक घटना की लिखित सूचना शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारियों को दे दी गई है, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है।

Location :  Nalanda

Published :  20 May 2026, 12:30 PM IST

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