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बिहार की सियासत में एक बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतिश कुमार को राज्यसभा के लिए नामित किए जाने की चर्चाओं ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है। यदि यह फैसला होता है, तो राज्य की सत्ता बड़ा फेरबदल संभव है।
नई दिल्ली: होली के दिन बिहार की राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां राज्यसभा चुनाव 2026 के बीच बिहार में बड़े राजनीतिक फेरबदल की भी चर्चा शुरू हो गई है। राजनीतिक हलको में चर्चा है कि भारतीय जनता पार्टी नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजना चाहती है। हालांकि इस पर अंतिम फैसला जदयू नेतृत्व को लेना है।
राजनीतिक खबरों में नीतीश की भावी सियासी पारी को लेकर में बड़ा दावा किया जा रहा है। बिहार की राजनीति से जुड़े जानकारों की कयासबाजी के मुताबिक नीतीश के बेटे निशांत को राज्य में बड़ी राजनीतिक जिम्मेदारी देने की तैयारियां की जा रही है।
Big Political Churn in Bihar: Dynamite News Exclusive
1. For the first time ever, BJP may get the CM’s chair
2. Nitish Kumar likely to resign, could head to Rajya Sabha, nomination deadline tomorrow
3. His son reportedly in line for Deputy CM
4. Final deal in the last lap — big…— Dynamite News (@DynamiteNews_) March 4, 2026
ऐसी भी संभावना है कि नीतीश कुमार के हटने बाद बिहार में अगला मुख्यमंत्री बीजेपी का हो सकता है। वहीं नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बिहार में तेजी से बनते नए राजनीतिक समीकरण के बीच जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा बुधवार सुबह नई दिल्ली से पटना पहुंचे। जिसके बाद नई चर्चा शुरू हो गई। राज्य की राजनीति में कुछ घंटे पहले तक निशांत कुमार के राज्यसभा से राजनीतिक सफर शुरू करने की चर्चा थी। लेकिन अब ऐसी संभावना जताई जा रही है कि निशांत कुमार की जगह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जाएंगे। वहीं निशांत कुमार को बिहार की राजनीति में बड़ा दायित्व मिलने वाला है।
गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों की घोषणा के बाद से ही बिहार में बड़े स्तर पर राजनीतिक बदलाव की कयासबाजी हो रही है। चुनाव परिणाम की घोषणा के बाद से ही प्रदेश के राजनीतिक पंडित इस बात पर माथापच्ची कर रहे हैं कि क्या पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में केंद्रीय रेल मंत्री का दायित्व संभाल चुके नीतीश कुमार एक बार फिर दिल्ली की संसदीय पारी शुरू कर सकते हैं।