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प्रतीकात्मक छवि (Img: Pinterest)
Patna: बिहार के कारा (जेल) प्रशासन विभाग से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार ने कानून व्यवस्था और जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा फेरबदल किया है। गृह विभाग ने देर रात एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर बिहार की विभिन्न जेलों में तैनात 30 उपाधीक्षकों (डिप्टी सुपरिटेंडेंट) का तबादला कर दिया है।
पिछले दिनों पटना की हाई-प्रोफाइल बेऊर जेल के अधीक्षक पर हुई बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई के बाद से ही इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि विभाग में जल्द ही बड़ा क्लीन-अप अभियान देखने को मिल सकता है। सरकार के इस अचानक उठाए गए कदम से पूरे प्रशासनिक अमले और जेल महकमे में हड़कंप मच गया है।
गृह विभाग द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, यह ट्रांसफर लिस्ट किसी रूटीन प्रक्रिया का हिस्सा भर नहीं है, बल्कि इसके पीछे कारा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, मुस्तैद और प्रभावी बनाने का बड़ा उद्देश्य है। पिछले कुछ समय से सूबे की अलग-अलग जेलों से सुरक्षा में चूक और अनियमितताओं की खबरें आ रही थीं, जिसके बाद सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है।
अधिसूचना में सभी स्थानांतरित 30 अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि वे बिना किसी मानवीय देरी के, तत्काल प्रभाव से अपने वर्तमान प्रभार को सौंपें और नई जिम्मेदारी वाली जगहों पर जाकर अपना पदभार ग्रहण करें।
इस तबादला सूची में राज्य की कई केंद्रीय, मंडल (सब-डिविजनल) और जिला जेलों के कप्तानों को बदला गया है। नए आदेश के तहत पूर्णिया के रहने वाले राजेश कुमार मिश्रा को मुंगेर मंडल कारा का नया उपाधीक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं अरवल जिले के रामानुज राम को मोतिहारी केंद्रीय कारा जैसी संवेदनशील जेल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त, पश्चिम चंपारण के जितेंद्र प्रसाद गुप्ता को मधेपुरा मंडल कारा, जबकि पश्चिम चंपारण के ही सरवर इमाम खान को शेखपुरा मंडल कारा में पदस्थापित किया गया है।
तबादले की इस कतार में भागलपुर के शिवमंगल प्रसाद को समस्तीपुर मंडल कारा भेजा गया है, जबकि लखीसराय के प्रेमजीत कुमार को मंडल कारा कटिहार और नालंदा के धीरज कुमार को मंडल कारा बेतिया की कमान दी गई है। गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि इन नए और ऊर्जावान अधिकारियों की तैनाती से जेलों के भीतर होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर पूरी तरह से लगाम कसी जा सकेगी।
बेऊर जेल कांड के बाद सरकार यह संदेश देना चाहती है कि जेल प्रशासन में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अपराधियों से साठगांठ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिलहाल, इस बड़े फेरबदल के बाद सचिवालय से लेकर जिला स्तर तक चर्चाओं का बाजार बेहद गर्म है।
Location : Patna
Published : 27 June 2026, 9:42 AM IST