Viral News: कीमतों में इतना फर्क कैसे? महिला ने खोली Zomato रेट गैप की पोल, जानें कंपनी ने क्या वजह बताई

Zomato पर दिख रही ज्यादा कीमतों को लेकर एक महिला के वायरल पोस्ट ने नई बहस छेड़ दी है। रेस्टोरेंट बिल और ऐप की कीमत में भारी अंतर सामने आया। जानिए Zomato का जवाब, यूजर्स की राय और ऑनलाइन फूड डिलीवरी की प्राइसिंग पर पूरा मामला।

Post Published By: Sapna Srivastava
Updated : 11 January 2026, 2:24 PM IST
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New Delhi: ऑनलाइन फूड डिलीवरी का चलन तेजी से बढ़ रहा है। लोग समय बचाने और सुविधा के लिए Zomato और Swiggy जैसे प्लेटफॉर्म्स से खाना मंगाना पसंद कर रहे हैं। हालांकि, इन सुविधाओं के साथ कीमतों को लेकर सवाल भी लगातार उठते रहे हैं। कभी खाने की क्वालिटी तो कभी डिलीवरी से जुड़ी शिकायतें सामने आती हैं, लेकिन इस बार मामला सीधे कीमतों के भारी अंतर का है, जिसने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है।

दरअसल, एक महिला यूजर ने रेस्टोरेंट के ऑफलाइन बिल और Zomato ऐप पर दिख रही कीमतों की तुलना करते हुए चौंकाने वाला अंतर दिखाया। महिला का दावा है कि जिस ऑर्डर की वास्तविक कीमत रेस्टोरेंट में 320 रुपये थी, वही ऑर्डर Zomato पर 655 रुपये में दिखाया गया। यहां तक कि डिस्काउंट के बाद भी उन्हें 550 रुपये चुकाने पड़ रहे थे।

X पर वायरल हुआ पोस्ट

यह मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सामने आया, जहां @NalinisKitche नाम के हैंडल से पोस्ट शेयर की गई। पोस्ट में रेस्टोरेंट का बिल और Zomato ऐप का स्क्रीनशॉट लगाया गया था। महिला ने लिखा कि यह कीमतों का अंतर “सरासर अन्यायपूर्ण” है और ग्राहकों से खुलेआम ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं। देखते ही देखते यह पोस्ट वायरल हो गई और हजारों यूजर्स ने इस पर अपनी राय रखी।

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Zomato का जवाब

मामले के तूल पकड़ने के बाद Zomato ने भी इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी। कंपनी ने कहा कि उनके प्लेटफॉर्म पर दिखाई जाने वाली कीमतें पूरी तरह से रेस्टोरेंट पार्टनर्स तय करते हैं। Zomato सिर्फ ग्राहकों और रेस्टोरेंट्स के बीच एक मध्यस्थ की भूमिका निभाता है। हालांकि कंपनी ने यह भी कहा कि वह इस फीडबैक को संबंधित रेस्टोरेंट तक जरूर पहुंचाएगी।

यूजर्स में बंटी राय

इस मुद्दे पर यूजर्स की राय बंटी हुई नजर आई। कई लोगों ने महिला का समर्थन करते हुए कहा कि फूड डिलीवरी ऐप्स ने रेस्टोरेंट्स को इस कदर अपने कब्जे में ले लिया है कि अब ऑफलाइन और ऑनलाइन कीमतों में फर्क आम बात हो गई है। कुछ यूजर्स ने आरोप लगाया कि प्लेटफॉर्म्स रेस्टोरेंट्स से कीमतें बढ़ाने का दबाव डालते हैं, ताकि बाद में “डिस्काउंट” देकर भी मुनाफा कमाया जा सके।

वहीं दूसरी तरफ कई यूजर्स Zomato के समर्थन में भी खड़े दिखे। उनका कहना था कि डिलीवरी ऐप्स को राइडर्स, टेक्नोलॉजी, सपोर्ट स्टाफ और ऑपरेशनल खर्च उठाने पड़ते हैं। अगर ग्राहक रेस्टोरेंट की मूल कीमत पर खाना चाहते हैं, तो उन्हें सीधे जाकर खाना चाहिए। ऑनलाइन सुविधा के बदले अतिरिक्त कीमत चुकाना ही पड़ती है।

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सुविधा बनाम कीमत की बहस

यह मामला एक बार फिर उस पुरानी बहस को सामने लाता है कि क्या ऑनलाइन सुविधा की कीमत इतनी ज्यादा होनी चाहिए। एक तरफ ग्राहक पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी ओर प्लेटफॉर्म्स अपने बिजनेस मॉडल को सही ठहरा रहे हैं। साफ है कि आने वाले समय में फूड डिलीवरी ऐप्स की प्राइसिंग पॉलिसी पर सवाल और तेज हो सकते हैं।

 

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 11 January 2026, 2:24 PM IST

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