गोरखपुर का रामगढ़ ताल राप्ती नदी की पुरानी धारा से बना एक ऐतिहासिक जलाशय है। यह स्थल इतिहास, लोककथाओं और आधुनिक पर्यटन का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है। बोटिंग, मल्टीमीडिया फाउंटेन, फ्लोटिंग रेस्टोरेंट और वॉकिंग ट्रैक जैसी सुविधाओं के साथ रामगढ़ ताल आज गोरखपुर का प्रमुख पर्यटन और सांस्कृतिक केंद्र बन चुका है।

Gorakhpur: गोरखपुर स्थित रामगढ़ ताल केवल एक प्राकृतिक झील नहीं, बल्कि हजारों वर्षों के इतिहास और भूगोल की कहानी अपने भीतर समेटे हुए है। माना जाता है कि यह झील राप्ती नदी की पुरानी धारा से बनी एक विशाल छाड़न (Oxbow Lake) है। जब राप्ती ने अपना मार्ग बदला, तब पुराने पाट में जल भरने से इस ताल का निर्माण हुआ। प्राचीन काल में यह क्षेत्र ‘रामग्राम’ कहलाता था, जो कोलीय गणराज्य से जुड़ा माना जाता है।
रामगढ़ ताल से जुड़ी कई लोककथाएं आज भी स्थानीय लोगों के बीच प्रचलित हैं। एक कथा के अनुसार, यहां कभी एक समृद्ध नगर था, जो ऋषि के श्राप से जलमग्न हो गया और उसी स्थान पर ताल बन गया। ये कथाएं ताल को सांस्कृतिक पहचान देती हैं। आज रामगढ़ ताल आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो चुका है। बोटिंग, मल्टीमीडिया फाउंटेन, फ्लोटिंग रेस्टोरेंट, वॉकिंग ट्रैक और आकर्षक लाइटिंग इसे ‘पूर्वांचल का मरीन ड्राइव’ बनाते हैं। संरक्षण और स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
Gorakhpur: गोरखपुर स्थित रामगढ़ ताल केवल एक प्राकृतिक झील नहीं, बल्कि हजारों वर्षों के इतिहास और भूगोल की कहानी अपने भीतर समेटे हुए है। माना जाता है कि यह झील राप्ती नदी की पुरानी धारा से बनी एक विशाल छाड़न (Oxbow Lake) है। जब राप्ती ने अपना मार्ग बदला, तब पुराने पाट में जल भरने से इस ताल का निर्माण हुआ। प्राचीन काल में यह क्षेत्र ‘रामग्राम’ कहलाता था, जो कोलीय गणराज्य से जुड़ा माना जाता है।
रामगढ़ ताल से जुड़ी कई लोककथाएं आज भी स्थानीय लोगों के बीच प्रचलित हैं। एक कथा के अनुसार, यहां कभी एक समृद्ध नगर था, जो ऋषि के श्राप से जलमग्न हो गया और उसी स्थान पर ताल बन गया। ये कथाएं ताल को सांस्कृतिक पहचान देती हैं। आज रामगढ़ ताल आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो चुका है। बोटिंग, मल्टीमीडिया फाउंटेन, फ्लोटिंग रेस्टोरेंट, वॉकिंग ट्रैक और आकर्षक लाइटिंग इसे ‘पूर्वांचल का मरीन ड्राइव’ बनाते हैं। संरक्षण और स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।