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उत्तराखंड सरकार ने एक साथ 29 अधिकारियों के तबादले कर प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। इस फेरबदल को शासन में कसावट और बेहतर समन्वय लाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
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Dehradun: उत्तराखंड शासन के पावर कॉरिडोर में देर रात अचानक ऐसा प्रशासनिक “ऑपरेशन” चला कि अफसरशाही में खलबली मच गई। लंबे समय से भीतर ही भीतर सुलग रही असंतुलन और खींचतान के बीच सरकार ने एक झटके में बड़ा फैसला लेते हुए 18 आईएएस और 11 पीसीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। यह सिर्फ तबादले नहीं, बल्कि जिम्मेदारियों की अदला-बदली के जरिए सिस्टम को दुरुस्त करने की कोशिश मानी जा रही है। शासन के इस कदम को कई लोग सख्ती तो कई लोग सर्जिकल स्ट्राइक की तरह देख रहे हैं।
एक साथ 29 अफसरों की कुर्सी हिली
राज्य सरकार की ओर से जारी तबादला सूची में साफ दिखता है कि बदलाव केवल औपचारिक नहीं हैं। 18 आईएएस और 11 पीसीएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बड़े स्तर पर फेरबदल किया गया है। शासन का दावा है कि इसका मकसद प्रशासनिक कार्यप्रणाली को ज्यादा प्रभावी बनाना और विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है, लेकिन अंदरखाने इसे परफॉर्मेंस और पावर बैलेंस से जोड़कर देखा जा रहा है।
प्रमुख सचिव और सचिव स्तर पर बड़ा झटका
तबादला सूची के मुताबिक, प्रमुख सचिव मीनाक्षी सुंदरम से आवास विभाग की जिम्मेदारी वापस ले ली गई है। वहीं, सचिव शैलेश बगौली से पेयजल विभाग हटा दिया गया है। सरकार ने सचिन कुर्वे को स्वास्थ्य विभाग की कमान सौंपी है, जिसे अहम विभागों में से एक माना जाता है। इसके अलावा दिलीप जावलकर से निदेशक ऑडिट का प्रभार वापस लिया गया है, जबकि सचिव बीवीआरसी पुरुषोत्तम से सहकारिता विभाग की जिम्मेदारी छीन ली गई है।
आईएएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में उलटफेर
आईएएस अधिकारी आर. राजेश कुमार से स्वास्थ्य विभाग हटाकर उन्हें आवास विभाग सौंपा गया है। दीपेंद्र चौधरी से सचिवालय प्रशासन के साथ-साथ आयुष विभाग की जिम्मेदारी भी वापस ले ली गई है। वहीं, विनोद कुमार सुमन से सचिव सामान्य प्रशासन और परियोजना निदेशक यूडीआरपी का दायित्व हटाया गया है। इन बदलावों को बेहद रणनीतिक माना जा रहा है।
नए दायित्व, नई रणनीति
रणवीर सिंह चौहान से आयुक्त खाद्य और राज्य संपत्ति की जिम्मेदारी हटाकर उन्हें सचिवालय प्रशासन सौंपा गया है। अहमद इकबाल को सहकारिता विभाग, रंजना राजगुरु को आयुष विभाग, आनंद स्वरूप को खाद्य विभाग और देव कृष्ण तिवारी को नियोजन सचिव बनाया गया है। शासन स्तर पर उमेश नारायण पांडे को पुनर्गठन और भाषा विभाग के रूप में राजेंद्र कुमार को सचिव सामान्य प्रशासन बनाया गया है। विजय कुमार जोगदंडे को अपर सचिव निर्वाचन की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। आईएएस अधिकारी अनामिका को बाध्य प्रतीक्षा में रखा गया है, जबकि प्रवीण कुमार को अपर निदेशक शहरी विकास और मनमोहन मनाली को निदेशक ऑडिट बनाया गया है।