दवाओं की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल: औचक निरीक्षण में सामने आई ऐसी सच्चाई…. जांच टीम ने इशारों में दी चेतावनी

देहरादून के सेलाकुई फार्मा सिटी में पुलिस और औषधि विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण किया। दवा कंपनियों में गुणवत्ता और रिकॉर्ड की जांच हुई। संदिग्ध दवाइयों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए, कार्रवाई की चेतावनी।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 5 February 2026, 12:15 PM IST
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Dehradun: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के विकासनगर क्षेत्र अंतर्गत सेलाकुई स्थित फार्मा सिटी में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब पुलिस और औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने दवा बनाने वाली कंपनियों में औचक निरीक्षण किया। यह कार्रवाई बढ़ते नशे और नशीली दवाओं के अवैध उपयोग पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई। प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि अब दवा उत्पादन और सप्लाई चेन पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

पुलिस और औषधि विभाग की संयुक्त छापेमारी

सेलाकुई थानाध्यक्ष पी.डी. भट्ट के नेतृत्व में पुलिस टीम और औषधि निरीक्षक मनिंदर सिंह राणा की अगुवाई में औषधि विभाग की टीम ने फार्मा सिटी में एक के बाद एक कई कंपनियों का निरीक्षण किया। अचानक हुई इस कार्रवाई से कंपनियों में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। सुरक्षा मानकों और रिकॉर्ड की गहन जांच की गई।

दवाओं की गुणवत्ता और रिकॉर्ड की जांच

निरीक्षण के दौरान औषधि विभाग की टीम ने दवाइयों के निर्माण से जुड़े दस्तावेज, लाइसेंस, स्टॉक रजिस्टर और बैच नंबर की जांच की। साथ ही यह भी देखा गया कि कहीं नियमों के विरुद्ध प्रतिबंधित या नशीली दवाओं का निर्माण तो नहीं हो रहा। अधिकारियों ने उत्पादन प्रक्रिया और स्टोरेज सिस्टम का भी बारीकी से निरीक्षण किया।

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संदिग्ध दवाइयों के सैंपल जब्त

जांच के दौरान कुछ दवाइयों को संदिग्ध मानते हुए उनके सैंपल लिए गए। इन सैंपलों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। औषधि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यदि जांच रिपोर्ट में दवाइयों की गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरती है या किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित कंपनी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

संदिग्ध दवाओं के सैंपल जब्त

नशीली दवाओं पर विशेष नजर

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हाल के दिनों में नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध सप्लाई की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। इसी को ध्यान में रखते हुए मेडिकल स्टोर के साथ-साथ दवा निर्माण इकाइयों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। प्रशासन का मानना है कि नशे की जड़ तक पहुंचने के लिए उत्पादन स्तर पर सख्ती जरूरी है।

कंपनियों को दी गई सख्त हिदायत

निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने फार्मा कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नियमों का पूरी तरह पालन किया जाए। दवाइयों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और रिकॉर्ड में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में भी इस तरह की औचक कार्रवाई जारी रहने की चेतावनी दी गई है।

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आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

पुलिस और औषधि विभाग ने संकेत दिए हैं कि यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में सेलाकुई सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी इसी तरह के औचक निरीक्षण किए जाएंगे, ताकि नशीली और नकली दवाओं के नेटवर्क पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।

Location : 
  • Dehradun

Published : 
  • 5 February 2026, 12:15 PM IST

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