हिंदी
हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह के निर्देशानुसार तथा अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. ओ.पी. गुसाईं के नेतृत्व में सीयूईटी (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) प्रवेश परीक्षा के प्रति छात्र-छात्राओं को जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है।
सीयूईटी प्रवेश परीक्षा से छात्रों को किया जागरूक
Rudraprayag: हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह के निर्देशानुसार तथा अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. ओ.पी. गुसाईं के नेतृत्व में सीयूईटी (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) प्रवेश परीक्षा के प्रति छात्र-छात्राओं को जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है।
इसी क्रम में रुद्रप्रयाग जनपद के विभिन्न राजकीय एवं निजी इंटर कॉलेजों में सीयूईटी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा कक्षा 12वीं के छात्र-छात्राओं को सीयूईटी प्रवेश परीक्षा की प्रकृति, आवेदन प्रक्रिया, विषय चयन, परीक्षा पैटर्न तथा केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश की संभावनाओं के संबंध में विस्तृत एवं उपयोगी जानकारी प्रदान की गई।
सीयूईटी प्रवेश परीक्षा के बारे में छात्रो को किया जागरूक
रुद्रप्रयाग जनपद के इंटर कॉलेजों में आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम में डॉ. कपिल पंवार, डॉ. गंभीर सिंह कठैत तथा डॉ. वरुण बर्तवाल ने मंगलवार को पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज रुद्रप्रयाग, राजकीय इंटर कॉलेज तिलक नगर, राजकीय इंटर कॉलेज मयाली में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
कौन हैं देश के चार शंकराचार्य, जानिए कैसे मिलती है शंकराचार्य की उपाधि
वहीं एक अन्य टीम डॉ अनूप सेमवाल और डॉ बालकृष्ण बधानी ने राजकीय इंटर कॉलेज मयाकोटी, डायट रतूड़ा, राजकीय इंटर कॉलेज चोपता में इस अभियान के तहत सीयूटी प्रवेश परीक्षा की जानकारी दी।
उल्लेखनीय है कि हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय उत्तराखंड का एकमात्र केंद्रीय विश्वविद्यालय है, जो भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के दिशा-निर्देशों एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के अनुरूप उच्च शिक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए यह अभियान विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध हो रहा है।
इस जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं में सीयूईटी प्रवेश परीक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें केंद्रीय विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करना है।