रामनगर में स्कूल से घर लौट रहे पांच नाबालिग बच्चों को एक अधेड़ व्यक्ति ने बहला-फुसलाकर ले जाने की कोशिश की। विरोध करने पर छात्रा से छेड़खानी और मारपीट का आरोप है। परिजनों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

बच्चों को बहलाकर ले जाने की कोशिश,
Ramnagar: उत्तराखंड के रामनगर में मंगलवार 17 फरवरी की दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब स्कूल से घर लौट रहे पांच नाबालिग छात्र-छात्राओं को एक अधेड़ व्यक्ति ने रास्ते में रोक लिया। बताया जा रहा है कि चार छात्राएं और एक छात्र स्कूल की छुट्टी के बाद अपने घर जा रहे थे, तभी आरोपी ने उन्हें यह कहकर अपने साथ चलने को कहा कि उसे स्कूल या उनके घरवालों ने भेजा है।
पीड़ित पक्ष के अनुसार आरोपी बच्चों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने की कोशिश कर रहा था। जब एक छात्रा ने विरोध किया तो आरोपी ने उसकी कमर पर हमला कर उसे घायल कर दिया। साथ ही एक नाबालिग छात्रा के साथ छेड़खानी का भी आरोप लगाया गया है। किसी तरह बच्ची वहां से छूटकर घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों के होश उड़ गए। पीड़ित छात्रा के पिता राकेश ने आस-पास आरोपी की तलाश शुरू की। बताया जाता है कि बालाजी मंदिर के समीप स्थित एक पार्क में आरोपी कुछ अन्य बच्चों के साथ मौजूद मिला। परिजनों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
रामनगर कोतवाली
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घटना के बाद पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है। अभिभावकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल से घर लौटते समय बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जाने चाहिए।
मामले में पीड़ित छात्रा के पिता ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। सीओ सुमित पांडे ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ जारी है। अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों की मांग है कि स्कूल समय में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और संवेदनशील इलाकों में निगरानी रखी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।