नैनीताल में पर्यटकों का सैलाब: होटल फुल हुए तो सड़कों पर कटी रात, भीड़ ने बढ़ाई मुश्किलें

नैनीताल में गांधी जयंती और लंबी छुट्टियों के बीच पर्यटकों की ऐसी भीड़ उमड़ी कि होटल कम पड़ गए और कई परिवारों को रात गाड़ियों में बितानी पड़ी। दूसरी ओर कालाढूंगी से नैनीताल और हल्द्वानी मार्ग तक लंबा जाम देखने को मिला।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 3 October 2026, 4:37 PM IST

Nainital: गांधी जयंती और वीकेंड की लंबी छुट्टियों ने सरोवर नगरी नैनीताल में पर्यटकों की आमद बढ़ा दी है। हालात यह रहे कि शहर के अधिकांश होटल पूरी तरह भर गए और देर रात तक पहुंचने वाले कई पर्यटकों को ठहरने के लिए कमरा तक नहीं मिल पाया। होटल न मिलने के बाद कई लोग अपनी गाड़ियों में रात बिताने को मजबूर हुए, जबकि कुछ लोगों ने सड़क किनारे ही रात गुजारी।

प्रमुख मार्गों पर यायायात प्रभावित

छुट्टियों के चलते नैनीताल की ओर अचानक बढ़े वाहनों के दबाव का असर केवल शहर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नैनीताल को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर भी यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। कालाढूंगी से लेकर नैनीताल तक जगह-जगह वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। नया गांव कालाढूंगी से नैनीताल बाईपास तक कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसमें पर्यटकों के साथ स्थानीय लोग भी घंटों फंसे रहे।

होटल नहीं मिले तो गाड़ियों में बिताई रात

नैनीताल में पर्यटकों की भारी आमद का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई होटल पहले ही फुल हो चुके थे। रात में पहुंचे पर्यटकों को कमरा तलाशने के लिए काफी देर तक इधर-उधर भटकना पड़ा। कमरा नहीं मिलने पर कई परिवारों ने अपनी गाड़ियों में ही रात काटी। कुछ लोगों के सड़क किनारे रात गुजारने की स्थिति ने पर्यटन सीजन में बढ़ते दबाव और व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े किए हैं।

पर्यटकों के मुताबिक सामान्य दिनों की तुलना में होटल के किराए में भी काफी अंतर देखने को मिला। करीब 3 हजार रुपये में मिलने वाले कमरों के लिए 10 से 15 हजार रुपये तक मांगे जाने की बात सामने आई। इससे बाहर से आने वाले परिवारों की परेशानी और बढ़ गई।

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रूसी बाईपास पर रोके गए वाहन

नैनीताल में वाहनों की संख्या बढ़ने के बाद पुलिस ने यातायात दबाव कम करने के लिए रूसी बाईपास पर पर्यटक वाहनों को रोककर शटल बसों के माध्यम से पर्यटकों को शहर की ओर भेजा। इसके बावजूद शहर और आसपास के संपर्क मार्गों पर वाहनों का दबाव बना रहा।

कैंची धाम में भी उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

नैनीताल के साथ कैंची धाम में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहुंची। बताया गया कि कैंची धाम में 35 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे, जिसके चलते भवाली मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ गया और वाहनों की रफ्तार थम गई। नैनीताल-हल्द्वानी राजमार्ग पर भी लंबा जाम देखने को मिला। सामान्य परिस्थितियों में डेढ़ से दो घंटे में पूरा होने वाला सफर कई यात्रियों को 8 से 10 घंटे में पूरा करना पड़ा। घंटों जाम में फंसे लोगों को खाने-पीने और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए भी परेशानी उठानी पड़ी।

कालाढूंगी में भी थमी वाहनों की रफ्तार

नैनीताल और कैंची धाम की ओर जाने वाले वाहनों का दबाव बढ़ने का असर कालाढूंगी में भी साफ दिखाई दिया। नया गांव कालाढूंगी से नैनीताल बाईपास तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम में फंसे कई लोगों ने बताया कि वे एक घंटे से अधिक समय से सड़क पर खड़े हैं। लंबे समय तक वाहनों के नहीं चलने से कुछ वाहन चालकों ने पेट्रोल और डीजल खत्म होने की चिंता भी जताई। जाम में बच्चों, बुजुर्गों और परिवारों के साथ सफर कर रहे पर्यटकों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा।

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छुट्टियों में व्यवस्था पर बढ़ा दबाव

गांधी जयंती और वीकेंड के चलते पहाड़ों की ओर पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में अचानक बढ़ोतरी हुई है। नैनीताल और कैंची धाम जैसे प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से सड़कों और पार्किंग व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया। एसपी सिटी जगदीश चंद्र ने बताया कि पुलिस लगातार भीड़ और यातायात को नियंत्रित करने में जुटी हुई है। पुलिस की ओर से यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।

Location :  Nainital

Published :  3 October 2026, 4:37 PM IST