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EPS-95 पेंशन बढ़ोतरी की मांग को लेकर रामनगर में NAC की बैठक हुई। पेंशनर्स ने 7500 रुपये न्यूनतम पेंशन व DA की मांग दोहराई और 20 जनवरी को सांसद कार्यालय के सामने उपवास अनशन का ऐलान किया।
वर्कशॉप परिसर में जुटे बड़ी संख्या में EPS-95 पेंशनर्स
Ramnagar: EPS-95 पेंशन बढ़ोतरी की मांग को लेकर राष्ट्रीय संघर्ष समिति उत्तराखण्ड (NAC) के तत्वावधान में शुक्रवार 16 जनवरी को उत्तराखण्ड परिवहन निगम की वर्कशॉप, रामनगर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता NAC के उत्तर भारत मुख्य समन्वयक सुरेश डंगवाल ने की। इस बैठक में विभिन्न विभागों से सेवानिवृत्त कर्मचारी और EPS-95 पेंशनर्स बड़ी संख्या में शामिल हुए।
बैठक में उत्तराखण्ड परिवहन निगम, भारतीय खाद्य निगम, एचएमटी, वन निगम, कुमाऊं मंडल विकास निगम, कुमाऊं मोटर ओनर यूनियन लिमिटेड, पेपर मिल सहित अनेक विभागों के सेवानिवृत्त कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में EPS-95 पेंशन की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता जताई और आंदोलन को तेज करने का संकल्प लिया।
बैठक के मुख्य वक्ताओं में सुरेश डंगवाल (मुख्य समन्वयक उत्तर भारत), भूपेंद्र सिंह अधिकारी (प्रांतीय अध्यक्ष), जगत सिंह डोभाल (प्रांतीय समन्वयक), गणेश मेलकानी (प्रदेश सचिव), राजेंद्र कुमार वालिया (जिला अध्यक्ष नैनीताल) सहित मोहन सिंह कार्की, मोहन सिंह बिष्ट, पान सिंह नेगी, ब्रिज मोहन सिजवाली, सत्यप्रकाश गोस्वामी, मनोहर रावत, गिरधर मनराल और भुवन फुलारा मौजूद रहे।
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बैठक के दौरान राष्ट्रीय संघर्ष समिति की रामनगर शाखा का गठन भी किया गया। इसमें दिनेश पंत को अध्यक्ष, गोपाल रिखाड़ी को सचिव एवं कोषाध्यक्ष मनोनीत किया गया। सभी उपस्थित पेंशनर्स ने नई कार्यकारिणी को बधाई देते हुए संगठन को मजबूत करने का भरोसा जताया।
वक्ताओं ने बताया कि NAC की केंद्रीय समिति द्वारा जारी आंदोलन नोटिस का पूरी मजबूती से पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि EPS-95 पेंशनर्स वर्ष 2017 से लगातार आंदोलन कर रहे हैं। जंतर-मंतर पर कई बार धरना-प्रदर्शन, क्रमिक अनशन, और देशभर में जनजागरण अभियान चलाए गए हैं।
राष्ट्रीय संघर्ष समिति ने बताया कि वित्त मंत्री, श्रम मंत्री, ईपीएफओ आयुक्त, प्रधानमंत्री कार्यालय, रक्षा मंत्री तथा 200 से अधिक सांसदों को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। इसके बावजूद सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, जिससे पेंशनर्स में गहरा आक्रोश है।
पेंशनर्स ने तेज किया आंदोलन
वक्ताओं ने बताया कि देशभर में लगभग 81 लाख EPS-95 पेंशनर्स औसतन मात्र 1170 रुपये मासिक पेंशन पर जीवन यापन करने को मजबूर हैं। चिकित्सा सुविधाओं के अभाव और बढ़ती महंगाई के कारण पेंशनर्स की स्थिति अत्यंत दयनीय हो चुकी है। कई पेंशनर्स इलाज के अभाव में प्रतिदिन इस दुनिया से विदा हो रहे हैं।
समिति की प्रमुख मांग है कि EPS-95 की न्यूनतम पेंशन 7500 रुपये प्रतिमाह की जाए और इसे महंगाई भत्ते से जोड़ा जाए। वक्ताओं ने कहा कि पेंशन कोई भीख नहीं, बल्कि कर्मचारियों का वैधानिक अधिकार है, जो उन्होंने अपनी सेवा अवधि में नियमित अंशदान देकर अर्जित किया है।
बैठक में बताया गया कि NAC मुख्यालय बुलढाणा, महाराष्ट्र में 24 दिसंबर 2018 से क्रमिक अनशन जारी है, जो अब 2577वें दिन में प्रवेश कर चुका है। इसके बावजूद सरकार की चुप्पी पेंशनर्स के प्रति संवेदनहीनता को दर्शाती है।
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बैठक के अंत में यह घोषणा की गई कि 20 जनवरी 2026 को दोपहर 11 बजे से 1 बजे तक वृद्ध EPS-95 पेंशनर्स स्थानीय सांसद कार्यालय के सामने उपवास अनशन करेंगे। इसका उद्देश्य लोकसभा के आगामी बजट सत्र में सरकार का ध्यान पेंशनर्स की मांगों की ओर आकर्षित करना है।