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प्रतीकात्मक छवि
Prayagraj: प्रयागराज स्थित इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यूट्यूबर गौतम खट्टर की गिरफ्तारी पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। कोर्ट ने कानपुर साइबर थाने में दर्ज मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। गौतम खट्टर पर धार्मिक टिप्पणी से जुड़े आरोप हैं। मामले की अगली सुनवाई 19 मई को होगी।
इलाहाबाद हाई कोर्ट की खंडपीठ, जिसमें न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना शामिल थे ने यूट्यूबर गौतम खट्टर की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है।
कोर्ट ने यह आदेश उस याचिका की सुनवाई के दौरान दिया, जिसमें गौतम खट्टर ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को चुनौती दी थी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 19 मई को निर्धारित की गई है।
यह मामला कानपुर के साइबर थाने में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। आरोप है कि गौतम खट्टर ने सोशल मीडिया पर करौली शंकर महादेव बाबा, जिन्हें ‘करौली सरकार’ भी कहा जाता है, पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
शिकायतकर्ता प्रियंका द्विवेदी का आरोप है कि यूट्यूबर ने ‘सनातन महासंघ’ नाम से एक वीडियो पोस्ट किया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और बाबा की छवि को नुकसान पहुंचा।
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं सहित आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत केस दर्ज किया है। आरोपों में धार्मिक भावनाएं भड़काने और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने का उल्लेख है।
वहीं याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने दलील दी कि यह केवल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला है और इसमें किसी प्रकार का अपराध नहीं बनता।
करौली शंकर महादेव बाबा को करौली सरकार के नाम से जाना जाता है। वे करौली धाम के प्रमुख हैं और धार्मिक मंचों पर सक्रिय रहते हैं। मामला अब हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिका हुआ है।
Location : Prayagraj
Published : 14 May 2026, 7:22 PM IST
Topics : Allahabad High Court Gautam Khattar YouTuber Kanpur Cyber Police Station case Karauli government controversy stay on arrest