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Barabanki: बाराबंकी जिले में पर्यावरण संरक्षण को नया आयाम देने के उद्देश्य से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत एक भव्य पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष आयोजन की अगुवाई जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने की, जो इस अभियान के संवेदनात्मक पहलुओं को समाज के समक्ष लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक, कार्यक्रम का आयोजन रामसनेहीघाट तहसील के मौजा सुवागाढ़ा स्थित नहर विभाग की भूमि पर किया गया। मंत्री के साथ राज्यमंत्री खाद्य एवं रशद विभाग श्री सतीश चंद्र शर्मा भी मौजूद रहे। इस अवसर पर उन्होंने भूमि पर खुद पौधे रोपित किए, जिनमें विशेष रूप से बरगद, पीपल और पकड़िया के वृक्ष शामिल थे। इन पेड़ों को सिर्फ पर्यावरणीय महत्व के लिए ही नहीं, बल्कि भावनात्मक समर्पण के प्रतीक के रूप में भी प्रस्तुत किया गया—हर पौधा एक माँ को समर्पित।
अपने उद्बोधन में स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि, "वृक्ष केवल हरियाली नहीं, बल्कि धरती की श्वास हैं। इनकी जड़ें जहां मिट्टी से जुड़ी होती हैं, वहीं भावनाएं दिल से जुड़ जाती हैं।" उन्होंने हर नागरिक से अपील की कि वह कम से कम एक पौधा अवश्य रोपे—चाहे वो अपनी माँ की याद में हो या प्रकृति के प्रति अपने कर्तव्य के तहत।
कार्यक्रम का आयोजन सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के तत्वावधान में हुआ, जिसमें शारदा सहायक सिंचाई खंड द्वारा सैकड़ों पौधे रोपे गए। इनमें बरगद, पीपल, आम, बेल, नीम और पाकड़ के वृक्ष प्रमुख थे। ये न केवल छाया देंगे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को ऑक्सीजन और सांस्कृतिक जुड़ाव का उपहार भी देंगे।
इस पौधरोपण में स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारियों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। एमएलसी अंगद सिंह, अधिशासी अभियंता राजीव कुमार, तहसीलदार महिमा मिश्रा, नायब तहसीलदार सुधाकर पांडे और खंड विकास अधिकारी मोनिका पाठक जैसे अधिकारियों ने भी अभियान में भाग लिया, जिससे जनमानस में यह संदेश गया कि यह केवल सरकारी नहीं, बल्कि जन-संवेदनाओं से जुड़ा अभियान है।
इस कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब पौधरोपण केवल पर्यावरणीय जिम्मेदारी नहीं, बल्कि संवेदनाओं की ज़मीन पर उगता संकल्प बन चुका है। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान ने पौधारोपण को एक भावनात्मक आंदोलन में बदल दिया है—जहां हर पौधा एक कहानी कहता है, एक रिश्ता जोड़ता है।
Location : Barabanki
Published : 29 July 2025, 9:43 PM IST