गोंडा में कुश्ती खेलने से डरीं विनेश फोगाट, बोलीं- बृजभूषण के शोषण की मैं भी विक्टिम, कुछ हुआ तो…

ओलिंपियन विनेश फोगाट ने एक बार फिर भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गोंडा में होने वाले कुश्ती टूर्नामेंट से पहले उन्होंने खुद को मामले की पीड़ित बताते हुए निष्पक्ष प्रतियोगिता और खिलाड़ियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। उनके बयान के बाद खेल और राजनीति दोनों में हलचल तेज हो गई है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 3 May 2026, 2:55 PM IST

New Delhi : भारतीय कुश्ती जगत एक बार फिर सियासत और विवादों के अखाड़े में उतर गया है। ओलिंपियन विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) ने कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) पर गंभीर आरोप लगाकर खेल राजनीति को गर्म कर दिया है। गोंडा में होने वाले सीनियर ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट से पहले विनेश का वीडियो बयान चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गया है। उन्होंने खुद को मामले की पीड़ित बताते हुए प्रतियोगिता को लेकर डर, दबाव और निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।

गोंडा में होने वाले टूर्नामेंट पर उठाए सवाल

विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा कि 10 से 12 मई के बीच उत्तर प्रदेश के गोंडा में सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट आयोजित होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस जगह प्रतियोगिता हो रही है, वहां जाना उनके लिए मानसिक रूप से आसान नहीं है।

विनेश ने कहा कि वह उन छह महिला खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की सुनवाई अभी कोर्ट में चल रही है। ऐसे में उसी इलाके में जाकर मुकाबला खेलना उनके लिए काफी मुश्किल होगा।

“मैं 100 प्रतिशत प्रदर्शन नहीं कर पाऊंगी”

वीडियो में विनेश ने कहा कि वह लंबे समय बाद कुश्ती मैट पर वापसी की तैयारी कर रही हैं। पिछले डेढ़ साल से वह प्रतियोगिताओं से दूर थीं। अब दोबारा मेहनत कर रही हैं ताकि देश के लिए फिर मेडल जीत सकें।

उन्होंने कहा कि गोंडा में जाकर मुकाबला खेलना उनके लिए भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण होगा। ऐसी स्थिति में वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं दे पाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर प्रतियोगिता के दौरान किसी खिलाड़ी के साथ कुछ गलत होता है तो उसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

यूपी में न्याय व्यवस्था पर संकट गहराया, थानों में सुनवाई नहीं, जनता दर-दर भटकने को मजबूर-अखिलेश यादव

फेडरेशन और व्यवस्था पर सवाल

विनेश ने आरोप लगाया कि टूर्नामेंट की पूरी व्यवस्था निष्पक्ष नहीं लगती। उन्होंने कहा कि कौन रेफरी होगा। किस खिलाड़ी को कितने अंक मिलेंगे और कौन मुकाबला जीतेगा, यह सब प्रभाव के दायरे में हो सकता है। उन्होंने कहा कि मेहनत करने वाले खिलाड़ियों को बराबरी का मौका मिलना चाहिए, लेकिन मौजूदा माहौल में उन्हें ऐसा संभव नहीं लगता। उन्होंने खेल मंत्रालय पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि खिलाड़ियों की चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।

तीन साल पुराने मामले का फिर जिक्र

विनेश ने याद दिलाया कि करीब तीन साल पहले महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर आवाज उठाई थी। जनवरी 2023 में दिल्ली के जंतर-मंतर पर महिला पहलवानों ने धरना दिया था। उस समय विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया सहित कई खिलाड़ियों ने विरोध प्रदर्शन किया था। मामला अभी कोर्ट में लंबित है और गवाहियों की प्रक्रिया जारी है। अब मजबूरी में उन्हें खुद को पीड़ितों में शामिल होने की बात सार्वजनिक करनी पड़ी।

Location :  New Delhi

Published :  3 May 2026, 2:48 PM IST