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विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक सीटें (सोर्स- Pinterest)
Lucknow: भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में विधानमंडल के ऊपरी सदन यानी विधान परिषद (Legislative Council) को लेकर अक्सर आम लोगों में यह भ्रम रहता है कि ये सीटें किसी एक विशिष्ट विधानसभा क्षेत्र के दायरे में आती हैं। लेकिन वास्तविकता यह है कि स्नातक (Graduate) और शिक्षक (Teacher) कोटे की ये सीटें किसी एक विधानसभा सीट तक सीमित न होकर, एक बहुत बड़े भौगोलिक और प्रशासनिक दायरे में फैली होती हैं। यह पूरी व्यवस्था भारतीय संविधान के नियमों के तहत संचालित होती है।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 171 के अनुसार, स्नातक और शिक्षक कोटे की सीटें विधानसभा (Legislative Assembly) में नहीं बल्कि राज्यों की विधान परिषद में होती हैं। वर्तमान समय में भारत के केवल 6 राज्यों- उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में ही विधान परिषद अस्तित्व में है।
इन निर्वाचन क्षेत्रों का गठन करने के लिए कई जिलों और कई विधानसभा क्षेत्रों को आपस में मिलाकर एक बड़ा "खंड (Division/Block)" तैयार किया जाता है। यही कारण है कि इन सीटों का दायरा काफी विस्तृत होता है।
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इन विशेष कोटे की सीटों का वितरण देश के प्रमुख राज्यों में अलग-अलग प्रशासनिक और भौगोलिक इकाइयों के आधार पर किया गया है-
उत्तर प्रदेश: यहाँ स्नातक कोटे की 8 और शिक्षक कोटे की 8 सीटें हैं, जिनमें से कुल 11 सीटों पर अक्टूबर 2026 में चुनाव होने निर्धारित हैं। इनमें लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, इलाहाबाद-झांसी, गोरखपुर-फैजाबाद, बरेली-मुरादाबाद और कानपुर खंड के स्नातक व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।
बिहार: बिहार विधान परिषद में स्नातक और शिक्षक कोटे की 4-4 सीटें प्रमुख प्रमंडलों के आधार पर बंटी हैं। स्नातक सीटों में पटना, तिरहुत, दरभंगा और कोशी शामिल हैं, जबकि शिक्षक सीटों में पटना, तिरहुत, दरभंगा और सारण आते हैं।
महाराष्ट्र: यहाँ इन निर्वाचन क्षेत्रों को प्रमुख प्रशासनिक संभागों में विभाजित किया गया है। मुंबई, कोंकण, पुणे, औरंगाबाद, नागपुर और अमरावती में स्नातक सीटें हैं, जबकि मुंबई, पुणे, नागपुर, अमरावती और औरंगाबाद में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र बनाए गए हैं।
कर्नाटक: कर्नाटक में भौगोलिक क्षेत्रों के आधार पर वर्गीकरण किया गया है, जिसमें विभिन्न स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।
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इन विधान परिषद सीटों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ आम नागरिकों की सामान्य मतदाता सूची से वोट नहीं डाला जा सकता। इसके लिए एक विशिष्ट प्रक्रिया और पात्रता तय की गई है-
स्नातक कोटा: इस कोटे के तहत वोट देने के लिए आवेदक का कम से कम 3 वर्ष पूर्व स्नातक होना अनिवार्य है।
शिक्षक कोटा: इस कोटे के अंतर्गत माध्यमिक विद्यालय या उससे उच्च शिक्षण संस्थानों में न्यूनतम 3 वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षक ही मतदान कर सकते हैं।
पंजीकरण प्रक्रिया: योग्य नागरिकों को इसके लिए फॉर्म 18 और फॉर्म 19 भरकर अलग से विशेष मतदाता सूची में अपना पंजीकरण कराना होता है, तभी वे इन चुनावों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर पाते हैं।
इस प्रकार, विधान परिषद के ये स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र आम चुनावी प्रक्रिया से बिल्कुल अलग और एक विशिष्ट शैक्षणिक व पेशेवर वर्ग का प्रतिनिधित्व करने का माध्यम हैं।
Location : Lucknow
Published : 29 September 2026, 8:11 AM IST