उसे कुछ मत कहना! लड़की का नाम लिखा, मां-पापा से मांगी माफी…और हमेशा के लिए खामोश हो गया BHU का जूनियर डॉक्टर

BHU के जूनियर डॉक्टर ऋत्विव कुंडू की मौत ने हर किसी को भावुक कर दिया। हॉस्टल के कमरे से मिला तीन पन्नों का सुसाइड नोट कई सवाल छोड़ गया है। आखिर रविवार रात ऐसा क्या हुआ कि एक होनहार डॉक्टर ने इतना बड़ा कदम उठा लिया?

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 29 June 2026, 3:27 PM IST
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Varanasi: वाराणसी के काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के सुश्रुत छात्रावास में रहने वाले 26 वर्षीय जूनियर डॉक्टर ऋत्विव कुंडू का शव उनके कमरे से बरामद हुआ। शुरुआती जांच में सामने आया है कि उन्होंने एनेस्थीसिया की दवा का ओवरडोज लेकर आत्महत्या की। कमरे से तीन पन्नों का सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उन्होंने अपने माता-पिता से माफी मांगी और एक लड़की को किसी भी तरह से दोष न देने की अपील की।

फोन का जवाब नहीं मिला तो साथियों को हुई चिंता

जानकारी के अनुसार, ऋत्विव कुंडू रविवार को पूरे दिन अपने कमरे से बाहर नहीं निकले। रात करीब 10 बजे जब सीनियर छात्रों ने उन्हें कई बार फोन किया और कोई जवाब नहीं मिला, तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। छात्र उनके कमरे तक पहुंचे, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था।

काफी देर तक आवाज देने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद प्राक्टोरियल ऑफिस और पुलिस को सूचना दी गई। दरवाजा खुलवाया गया तो ऋत्विव फर्श पर पड़े मिले। उनके हाथ में IV ड्रिप लगी हुई थी और कमरे में दवाइयों का सामान भी मौजूद था। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

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सुसाइड नोट में परिवार और एक लड़की का जिक्र

पुलिस को कमरे से तीन पन्नों का सुसाइड नोट मिला है। इसमें ऋत्विव ने लिखा कि वह अपने परिवार की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सके और इसके लिए माफी मांगते हैं। उन्होंने लिखा कि उनके माता-पिता उनका सबसे बड़ा सहारा थे और उनकी मां इस खबर से टूट जाएंगी। उन्होंने अपने पिता और बहन का भी ध्यान रखने की अपील की। नोट में एक लड़की का भी जिक्र करते हुए उन्होंने साफ लिखा कि उसे किसी भी तरह से दोषी न माना जाए। उन्होंने लिखा कि उस लड़की ने हमेशा उनका साथ दिया, बहुत प्यार किया और उसके खिलाफ कोई गलत धारणा न बनाई जाए।

एमडी फर्स्ट ईयर के छात्र थे ऋत्विव

ऋत्विव कुंडू पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के रहने वाले थे। उन्होंने कोलकाता मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद वह BHU में एनेस्थीसिया विभाग से एमडी फर्स्ट ईयर की पढ़ाई कर रहे थे। साथी छात्रों के अनुसार, वह पढ़ाई में अच्छे थे और सामान्य व्यवहार करते थे। शनिवार को उन्होंने अपनी नियमित ड्यूटी भी की थी, लेकिन रविवार को किसी से मुलाकात नहीं की। यही वजह रही कि देर रात साथियों को उनकी चिंता हुई।

पिता से आखिरी बातचीत में सब कुछ सामान्य था

ऋत्विव के पिता दीपक कुंडू, जो भारतीय स्टेट बैंक से सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर हैं, ने बताया कि रविवार दोपहर बेटे से उनकी फोन पर बात हुई थी। उन्होंने बताया कि बेटे ने घर के सभी लोगों का हालचाल पूछा और कहा कि वह खाना खाने जा रहा है। बातचीत के दौरान उसकी आवाज सामान्य थी और उसने किसी तरह की परेशानी का जिक्र नहीं किया। रात में BHU प्रशासन का फोन आया, तब उन्हें बेटे की मौत की जानकारी मिली।

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पुलिस हर पहलू से कर रही जांच

लंका थाना पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में एनेस्थीसिया की दवा के ओवरडोज से मौत की आशंका है, लेकिन अंतिम कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। सुसाइड नोट की भी जांच की जा रही है। साथ ही हॉस्टल में रहने वाले छात्रों और उनके परिचितों से पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के पीछे की परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।

Location :  Varanasi

Published :  29 June 2026, 3:27 PM IST

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