UP Weather: नदियां उफान पर, फिर भी 28 जिलों में ‘महा-सूखा’! अगस्त के बाद भी क्यों प्यासा रह गया यूपी? जानिए कुदरत का खौफनाक सच

उत्तर प्रदेश में कहीं बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दीं तो कहीं खेत अब भी आसमान की ओर देख रहे हैं। आखिर एक ही मानसून में प्रदेश के 28 जिलों में इतनी बड़ी बारिश की कमी क्यों रह गई?

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 5 September 2026, 4:34 PM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश में इस मानसून मौसम की तस्वीर बेहद असमान नजर आ रही है। प्रदेश के कुछ हिस्सों में लगातार तेज बारिश से जलभराव और नदियों के बढ़ते जलस्तर की स्थिति बनी, वहीं कई जिलों में बादलों की बेरुखी के कारण खेतों और ग्रामीण इलाकों में पानी की कमी बनी हुई है। अगस्त में बारिश के कई दौर आने के बावजूद प्रदेश के 28 जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है।

8 जिलों में 60 से 90 फीसदी तक कम बारिश

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के आठ जिलों में सामान्य की तुलना में बारिश 60 से 90 फीसदी तक कम रही। इन जिलों में भदोही, देवरिया, कुशीनगर, कानपुर देहात, गाजियाबाद और शामली समेत अन्य जिले शामिल हैं। खास बात यह है कि अगस्त में प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने के बाद भी इन क्षेत्रों में मानसून की कमी दूर नहीं हो सकी।

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20 जिलों में भी बारिश सामान्य से कम

वहीं प्रदेश के 20 अन्य जिलों में सामान्य से 20 से 59 फीसदी तक कम वर्षा रिकॉर्ड की गई। इस सूची में गोरखपुर, जौनपुर, महाराजगंज, मऊ, संतकबीरनगर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर और सीतापुर जैसे जिले शामिल हैं। इससे साफ है कि मानसून के दौरान हुई बारिश का वितरण पूरे प्रदेश में समान नहीं रहा और कई इलाकों को अपेक्षित वर्षा नहीं मिल सकी।

कहीं जलभराव और कहीं खेतों में पानी का संकट

पिछले कुछ दिनों में उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश का असर काफी तेज रहा है। भारी बारिश के चलते शहरों की सड़कों और निचले इलाकों में पानी भरने के साथ कई स्थानों पर नदियों का जलस्तर भी बढ़ा। दूसरी ओर, कम बारिश वाले जिलों में खेतों और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त नमी और पानी की उपलब्धता नहीं हो सकी। इस तरह एक ही प्रदेश में मानसून की दो अलग-अलग तस्वीरें दिखाई दे रही हैं।

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सितंबर की बारिश पर टिकी उम्मीद

अब कम बारिश वाले जिलों के लिए सितंबर का महीना बेहद अहम माना जा रहा है। मानसून के अंतिम चरण में होने वाली बारिश से वर्षा की कमी को कुछ हद तक कम करने की उम्मीद है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सितंबर की बारिश इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे खेतों में नमी बढ़ने और पानी की उपलब्धता बेहतर होने में मदद मिल सकती है

Location :  Lucknow

Published :  5 September 2026, 4:34 PM IST

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