उत्तर प्रदेश STF ने एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है जो चोरी के ट्रकों की पहचान बदलकर उन्हें ऊंचे दामों में बेचता था। गिरोह का सरगना गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी ने बताया कि वह फाइनेंस पर लिए गए ट्रकों की किस्तों से बचने के लिए भी यह तरीका अपनाते थे।

आरोपी कासिम अहमद
Kaushambi: अंधेरे में पनप रहे इस संगठित अपराध का जाल आखिरकार बेनकाब हो गया। चोरी के ट्रकों को नया चेहरा देकर उन्हें बाजार में बेचने वाला गैंग लंबे समय से सक्रिय था। लेकिन अब STF की नजर इस पर पड़ी और एक बड़े ऑपरेशन के बाद इस गिरोह के सरगना को धर दबोचा गया। मामला इतना शातिर था कि आम आदमी तो क्या, कई बार सिस्टम भी धोखा खा जाए।
25 मार्च को STF की टीम ने कौशांबी इलाके में कार्रवाई करते हुए कासिम अहमद नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया। यह आरोपी प्रयागराज का रहने वाला है और इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। पुलिस को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि एक गिरोह ट्रकों की चोरी कर उनके चेसिस नंबर और नंबर प्लेट बदलकर उन्हें दूसरे राज्यों में बेच रहा है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से 12 फर्जी नंबर प्लेट, 6 फर्जी रजिस्ट्रेशन पेपर, 2 मोबाइल फोन और 2 ट्रक बरामद किए। इनमें एक 16 चक्का ट्रक और एक महिंद्रा का 6 चक्का वाहन शामिल है। यह बरामदगी इस पूरे नेटवर्क की गहराई को दिखाती है।
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी ने कई अहम खुलासे किए। उसने बताया कि उसका गिरोह अलग-अलग राज्यों से ट्रक चोरी करता था। इसके बाद कबाड़ हो चुके ट्रकों के कागजों का इस्तेमाल करके नए फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते थे। फिर चोरी के ट्रकों के चेसिस नंबर और नंबर प्लेट बदल दी जाती थी। जिससे उनकी पहचान पूरी तरह बदल जाए।
इस गैंग का एक और बड़ा खेल सामने आया। आरोपी ने बताया कि वह फाइनेंस पर लिए गए ट्रकों की किस्तों से बचने के लिए भी यह तरीका अपनाते थे। ट्रक का नंबर और पहचान बदलकर उसे दूसरे राज्य में बेच दिया जाता था। जिससे फाइनेंस कंपनी को भारी नुकसान होता था।
पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह कई सालों से सक्रिय था और इसमें कई अन्य लोग भी शामिल हैं। जिनकी तलाश जारी है। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।