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STF उत्तर प्रदेश ने गोंडा जिले से 50 हजार रुपये के इनामी और गैंगस्टर एक्ट में वांछित अपराधी मलखान सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी शराब और बीयर दुकानों में चोरी की कई वारदातों में शामिल रहा है।
50 हजार का इनामी गैंगस्टर मलखान सिंह गिरफ्तार
Gonda: उत्तर प्रदेश में अपराधियों पर शिकंजा कसते हुए स्पेशल टास्क फोर्स ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। गोंडा जिले में लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा 50 हजार रुपये का इनामी गैंगस्टर आखिरकार STF के हत्थे चढ़ गया। रात के अंधेरे में दबिश, सटीक सूचना और तेज कार्रवाई ने एक सक्रिय अपराधी की फरारी की कहानी को खत्म कर दिया।
STF की सटीक सूचना पर हुई गिरफ्तारी
स्पेशल टास्क फोर्स उत्तर प्रदेश, लखनऊ को 21 जनवरी 2026 को बड़ी सफलता हाथ लगी जब थाना परसपुर, जनपद गोंडा में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में वांछित और 50 हजार रुपये का इनाम घोषित अभियुक्त मलखान सिंह को गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी मरचौर मोड़, ग्राम हरदिहा स्थित टावर के पास रात करीब 8 बजकर 20 मिनट पर की गई। STF टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से घेराबंदी कर अभियुक्त को दबोच लिया।
कौन है गिरफ्तार अभियुक्त मलखान सिंह
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान मलखान सिंह पुत्र राकेश उर्फ भोदर के रूप में हुई है। वह थाना परसपुर क्षेत्र के भयापुरवा मरचौर का रहने वाला है। मलखान सिंह लंबे समय से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जा चुकी थी। पुलिस रिकॉर्ड में वह एक सक्रिय और आदतन अपराधी के रूप में दर्ज है।
पूछताछ में कबूले शराब दुकानों में चोरी
STF की पूछताछ में अभियुक्त ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वह अपने साथियों रितिक सिंह उर्फ बिल्लू, जाकिर, रिजवान, सनी, योगेश और अंकित के साथ मिलकर लक्षनपुरवा डेहरास स्थित कम्पोजिट बीयर की दुकान में सेंध लगाकर चोरी कर चुका है। चोरी से मिले पैसों को सभी ने आपस में बांट लिया था। इसके बाद धरमनगर की बीयर दुकान में भी इसी तरह चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया।
आपराधिक इतिहास और आगे की कार्रवाई
मलखान सिंह के खिलाफ परसपुर थाने में पहले से कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें बीएनएस की विभिन्न धाराएं शामिल हैं। हाल ही में वह अपने साथियों के साथ मोहना स्थित शराब की दुकान में चोरी की योजना बना रहा था, लेकिन पुलिस की सक्रियता से पहले ही पकड़ा गया। फिलहाल अभियुक्त को थाना परसपुर में दाखिल कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। STF का कहना है कि फरार अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।