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यूपी के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका (Img: Pinterest)
Lucknow: उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं से जुड़ा बड़ा मामला सामने आया है। पॉवर कॉर्पोरेशन की ओर से बिना सूचना दिए करीब 47 लाख उपभोक्ताओं का स्वीकृत भार बढ़ाए जाने का आरोप लगा है। इस फैसले से बड़ी संख्या में गरीब उपभोक्ता सब्सिडी योजना से बाहर हो गए हैं, जिससे उनके बिजली बिल में सीधा इजाफा होगा।
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अनुसार जिन उपभोक्ताओं का भार बढ़ाया गया है, उनमें करीब 50 फीसदी स्मार्ट मीटर धारक हैं। इनमें से लगभग 25 फीसदी ऐसे उपभोक्ता हैं जिन्हें पहले रियायती दरों पर बिजली मिलती थी। भार बढ़ने के बाद इनकी सब्सिडी स्वतः समाप्त हो गई है।
भार बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्र के गरीब उपभोक्ताओं पर प्रतिमाह औसतन 165 रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। वहीं शहरी गरीब उपभोक्ताओं को हर महीने करीब 435 रुपये अधिक चुकाने पड़ सकते हैं। बीपीएल उपभोक्ताओं के लिए यह बढ़ोतरी और बड़ी परेशानी बन सकती है।
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इस कार्रवाई को विद्युत नियामक आयोग के टैरिफ आदेश के विपरीत बताया है। उनका कहना है कि नियमों के अनुसार अगर कोई उपभोक्ता लगातार तीन माह तक स्वीकृत भार से अधिक बिजली उपयोग करता है, तो पहले उसे सूचना दी जानी चाहिए।
वर्मा ने कहा कि उपभोक्ताओं को संदेश भेजकर यह बताया जाना चाहिए था कि उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अपने स्वीकृत भार से अधिक बिजली इस्तेमाल की है। इसके बाद ही एक किलोवाट का लोड दो किलोवाट किया जा सकता था। बिना सूचना ऐसा करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।
परिषद का आरोप है कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से अधिकतम मांग जुर्माना भी वसूला जा रहा है और साथ ही उनका स्वीकृत भार भी बढ़ाया जा रहा है। इससे स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं पर दोहरी मार पड़ रही है।
उपभोक्ता परिषद ने राज्य सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। परिषद ने पूरे प्रकरण की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और भविष्य में टैरिफ आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की अपील की है।
Location : Lucknow
Published : 5 July 2026, 11:06 AM IST
Topics : Electricity bill Smart Meter UP News