“विपक्षियों से मिले हैं दरोगा…”, बदायूं में पीड़ित दुकानदार ने SSP से मांगी सुरक्षा की गुहार

थाना कादरचौक क्षेत्र के मुगर्रा टटेई गांव में मामूली बात पर दबंगों ने किराना दुकानदार सत्यवीर पर लाठी-डंडे और सरिये से जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने गल्ले से 17 हजार रुपये लूट लिए और जातिसूचक गालियां दीं। स्थानीय पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने पर पीड़ित ने बदायूं एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर सुरक्षा की गुहार लगाई है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 3 June 2026, 3:06 PM IST
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Uttar Pradesh : बदायूं के थाना कादरचौक क्षेत्र के गांव मुगर्रा टटेई में 2 जून की शाम दबंगई की एक वारदात सामने आई। किराना दुकान चलाने वाले सत्यवीर पुत्र रामभरोसे पर पड़ोसी गांव लछमन नगला के एक दर्जन से ज्यादा लोगों ने हमला कर दिया। आरोप है कि दुकान का सामान अपना बताकर विवाद शुरू किया, फिर लात-घूंसे, लाठी-डंडे व सरिया से पीटा, गल्ले से 17 हजार रुपये लूट लिए और मोबाइल तोड़ डाला।

मामूली 'पैने' पर शुरू हुआ विवाद

पीड़ित सत्यवीर के मुताबिक, सचिन पुत्र जाहर सिंह, राजीव पुत्र उरमान सिंह और अजयपाल पुत्र जगन्नाथ उसकी दुकान पर पहुंचे। दुकान में रखा बैल हांकने का पैना ये अपना बताने लगे। सत्यवीर का कहना है कि ये पैना उसने पटना देवकली मंदिर से बंदर भगाने के लिए खरीदा था। मना करने पर तीनों गाली-गलौज करने लगे और मारपीट शुरू कर दी।

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लाठी-डंडों से किया जानलेवा हमला

शोर मचाने पर जब गांव के लोग जुटे तो सचिन दुकान में घुस गया और गल्ले में रखे 17 हजार रुपये निकाल लिए। इसी दौरान सत्यवीर का मोबाइल ईंट-पत्थर से कूटकर तोड़ दिया गया। सत्यवीर का आरोप है कि थोड़ी देर में अहिबरन, प्रताप पुत्रगण राजवीर, जाहरसिंह, सुदेर सिंह पुत्रगण जगन्नाथ, सोनवीर पुत्र महावीर, पुष्पेंदर पुत्र रनवीर, इन्द्रपाल पुत्र राजवीर, बचनपाल पुत्र जसवीर आदि लाठी-डंडे व सरिया लेकर मौके पर आ गए। सभी ने जातिसूचक शब्दों से गालियां दीं और ईंट-पत्थर व बजरी से जानलेवा हमला कर दिया। हमलावर "इन चमारों को गांव से भगा देंगे, आज इनकी लूट कर लो" कहते हुए धमका रहे थे।

दरोगा पर समझौते के दबाव का आरोप

ग्रामीण काले खां पुत्र हाजिर अली और अन्य लोगों के जुटने तथा 112 नंबर पर सूचना के बाद पुलिस के पहुंचने पर आरोपी मौके से फरार हो गए। सत्यवीर ने बताया कि घटना के समय उसका परिवार कासगंज में दावत में गया हुआ था। उसी दिन थाने में तहरीर दी गई थी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करने की बजाय समझौता करने का दबाव बनाया। सत्यवीर का यह भी आरोप है कि दरोगा इन्द्रवीर की विपक्षियों से सांठगांठ है और निष्पक्ष सुनवाई नहीं हो रही। 

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पुलिस ने शुरू की मामले की जांच

पीड़ित ने आज वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बदायूं को प्रार्थना पत्र देकर जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसने कहा कि सभी आरोपी उसे लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पुलिस का कहना है कि इस मामले में थाना कादरचौक पुलिस से आधिकारिक बयान नहीं मिल सका है। तहरीर के आधार पर जांच की बात कही जा रही है।

Location :  Uttar Pradesh

Published :  3 June 2026, 3:06 PM IST

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