Sultanpur News: परीक्षा से पहले ऐसा क्या हुआ कि घर में छा गया सन्नाटा? जानें क्या है हादसे का कारण

सुल्तानपुर के हलियापुर थाना क्षेत्र में इंटरमीडिएट परीक्षा के तनाव में 17 वर्षीय छात्रा की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों के मुताबिक वह परीक्षा को लेकर परेशान थी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 18 February 2026, 4:42 PM IST

Sultanpur: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। हलियापुर थाना क्षेत्र के रामपुर बाबुआन गांव में 12वीं की एक छात्रा की घर के भीतर फंदे से लटकती हुई लाश मिलने से हड़कंप मच गया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और स्तब्धता का माहौल है।

आज से शुरू थी इंटरमीडिएट परीक्षा

मृतका की पहचान 17 वर्षीय लक्ष्मी सेन के रूप में हुई है। वह इंटरमीडिएट की छात्रा थी और उसकी बोर्ड परीक्षा उसी दिन से शुरू होनी थी। परिजनों के अनुसार वह पिछले कुछ दिनों से परीक्षा को लेकर काफी तनाव में थी। परिवार का कहना है कि वह पढ़ाई को लेकर गंभीर थी और अच्छे अंक लाने का दबाव खुद पर महसूस कर रही थी।

पढ़ाई के बहाने कमरे में गई थी

बताया जा रहा है कि बीती रात लक्ष्मी पढ़ाई करने के लिए अपने कमरे में गई थी। काफी देर तक जब वह बाहर नहीं आई तो परिवार वालों को चिंता हुई। दरवाजा खटखटाने पर कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद जब परिजनों ने दरवाजा खोला तो अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए।

जब चाहा तब ट्रांसफर? सुल्तानपुर में बिजली विभाग पर मनमानी के आरोप, जानिये क्या है मामला

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। माता-पिता और परिजन बदहवास हो गए। गांव के लोग भी मौके पर जुट गए। किसी को भरोसा नहीं हो रहा था कि एक होनहार छात्रा इस तरह दुनिया छोड़ जाएगी।

पुलिस ने शुरू की जांच

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला परीक्षा के तनाव से जुड़ा प्रतीत होता है, हालांकि हर पहलू की जांच की जा रही है।

Sultanpur News: फॉर्म-7 में धांधली का आरोप; सुल्तानपुर कलेक्ट्रेट पर सपा का जोरदार प्रदर्शन

मानसिक दबाव पर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव और परीक्षा के तनाव को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि परिवार और शिक्षकों को बच्चों के भावनात्मक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए। परीक्षा जीवन का एक हिस्सा है, लेकिन बच्चों को यह समझाना जरूरी है कि असफलता भी जीवन का अंत नहीं होती।

यदि आप या आपके आसपास कोई छात्र परीक्षा या अन्य कारणों से अत्यधिक तनाव में है, तो उससे खुलकर बात करना और भावनात्मक सहारा देना बेहद जरूरी है। समय पर संवाद और सहयोग कई अनहोनी घटनाओं को टाल सकता है।

Location : 
  • Sultanpur

Published : 
  • 18 February 2026, 4:42 PM IST