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कौशांबी में जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात नियमों के पालन और स्कूली वाहनों की सुरक्षा पर जोर दिया गया। डीएम ने ‘नो हेल्मेट-नो फ्यूल’ अभियान को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए।
डीएम अमित पाल ने दिए स्पष्ट निर्देश
Kaushambi: जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक उदयन सभागार में संपन्न हुई, जिसमें सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य फोकस दुर्घटनाओं के कारणों की पहचान, यातायात नियमों के पालन और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग से जिले में हुई सड़क दुर्घटनाओं के कारणों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि यातायात निरीक्षक और सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) के साथ मिलकर दुर्घटना संभावित स्थानों का स्थलीय निरीक्षण किया जाए।
डीएम अमित पाल ने दिए स्पष्ट निर्देश
जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी को निर्देश दिए कि आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाए। इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बिना हेल्मेट दोपहिया वाहन चलाने, ओवरस्पीडिंग, ट्रिपल राइडिंग और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने जैसी घटनाएं सड़क हादसों का बड़ा कारण बनती हैं। इन पर पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई होनी चाहिए।
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बैठक में ‘नो हेल्मेट-नो फ्यूल’ अभियान को कड़ाई से लागू कराने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि पेट्रोल पंपों पर बिना हेल्मेट दोपहिया वाहन चालकों को ईंधन न दिया जाए। इसके लिए संबंधित विभाग और पेट्रोल पंप संचालकों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य लोगों को दंडित करना नहीं, बल्कि उनकी जान बचाना है। हेल्मेट का प्रयोग सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को काफी हद तक कम करता है।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि सभी वाहनों, विशेषकर भारी वाहनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में रिफ्लेक्टर टेप अनिवार्य रूप से लगवाया जाए। इससे रात के समय वाहनों की दृश्यता बढ़ेगी और दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी।
बैठक में सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 441 स्कूली वाहन संचालित हैं, जिनमें से 25 वाहन अनफिट पाए गए हैं। इस पर जिलाधिकारी ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि अनफिट स्कूली वाहन किसी भी स्थिति में सड़कों पर संचालित न होने पाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी सहित यातायात, परिवहन, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी को निर्देश दिए गए कि बैठक में दिए गए आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।