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कौशांबी में जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल की अध्यक्षता में जिला उद्योग बन्धु समिति की अहम बैठक हुई। बैठक में CM युवा उद्यमी योजना और निवेश मित्र पोर्टल के लंबित मामलों पर कड़ी नाराजगी जताई गई। डीएम ने बैंकर्स और विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के सख्त निर्देश दिए।
डीएम अमित पाल ने दिए स्पष्ट निर्देश
Kaushambi: कौशांबी जिले में औद्योगिक विकास को गति देने और उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल की अध्यक्षता में जिला उद्योग बन्धु समिति की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक उदयन सभागार में संपन्न हुई, जिसमें जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि और उद्यमी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य निवेश को प्रोत्साहन देना, लंबित प्रकरणों का निस्तारण करना और रोजगार सृजन की योजनाओं को धरातल पर उतारना रहा।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत विभिन्न बैंकों में लंबित ऋण आवेदनों की बैंकवार समीक्षा की। इस दौरान यह सामने आया कि कई बैंकों द्वारा ऋण आवेदनों के निस्तारण में अनावश्यक देरी की जा रही है। इस पर डीएम डॉ. अमित पाल ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और सभी बैंकर्स को स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित ऋण आवेदनों का शीघ्र निस्तारण किया जाए।
डीएम अमित पाल ने दिए स्पष्ट निर्देश
बैठक में एमओयू दाखिल कर चुके निवेशकों की समस्याओं पर भी चर्चा हुई। कई उद्यमियों ने जमीन, बिजली, प्रदूषण अनापत्ति प्रमाण पत्र और अन्य विभागीय स्वीकृतियों में आ रही दिक्कतों को उठाया। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि निवेशकों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। डीएम ने कहा कि यदि निवेशक संतुष्ट होंगे, तभी जिले में नए उद्योग स्थापित होंगे और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
उपायुक्त उद्योग अशोक कुमार ने बैठक में निवेश मित्र पोर्टल की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि पिछले एक माह में निवेश मित्र पोर्टल पर कुल 1450 प्रकरण प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 1276 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। हालांकि अभी भी 14 प्रकरण विभिन्न विभागों के स्तर पर लंबित पाए गए। इनमें कृषि विभाग- 09 प्रकरण, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड- 03 प्रकरण, विद्युत विभाग- 01 प्रकरण और बाट माप विभाग 01 प्रकरण शामिल है।
जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप यदि कोई अधिकारी या बैंक अनावश्यक देरी करता है, तो उसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास जिले की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में उपस्थित उद्यमियों रमेश अग्रहरि, प्रवेश केसरवानी सहित अन्य उद्योग प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। उद्यमियों ने प्रशासन की पहल की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि निर्देशों के बाद समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी सहित उद्योग विभाग, बैंक, बिजली, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।