अमेठी में बीएलओ के पति और भाजपा समर्थकों के बीच हुए विवाद ने सियासी तूल पकड़ लिया है। सपा प्रतिनिधिमंडल ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। इस पूरे मामले को लेकर सपा जिला अध्यक्ष राम उदित यादव ने कहा कि संग्रामपुर ब्लॉक के ठेंगहा गांव में बूथ संख्या 207, 208 और 209 पर विवाद हुआ था।

एसपी ने सौंपा ज्ञापन
Amethi: अमेठी की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। एक स्थानीय विवाद अब सीधा सियासी अखाड़ा बनता नजर आ रहा है, जहां भाजपा समर्थकों और एक बीएलओ के पति के बीच हुए टकराव ने जिले की राजनीति में हलचल मचा दी है। मामला इतना बढ़ा कि देर रात समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को खुद सोशल मीडिया पर उतरना पड़ा और अब सपा ने प्रशासन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
पूरा मामला अमेठी जिले के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के ठेंगहा गांव का है। बुधवार दोपहर गांव में उस वक्त विवाद खड़ा हो गया, जब बीएलओ सुभद्रा वर्मा के पति राकेश वर्मा और कुछ भाजपा समर्थकों के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और आरोप है कि भाजपा समर्थकों ने राकेश वर्मा के साथ मारपीट की और उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया।
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घटना के बाद बीएलओ के पति राकेश वर्मा ने पूरे मामले को लेकर एसडीएम को शिकायती पत्र सौंपते हुए न्याय की गुहार लगाई। यह मामला स्थानीय स्तर पर ही नहीं रुका, बल्कि देर शाम समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर दी। इसके बाद यह विवाद जिलेभर में राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया।
अखिलेश यादव के ट्वीट के अगले ही दिन सपा जिला अध्यक्ष राम उदित यादव के नेतृत्व में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल कलेक्ट्रेट पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी संजय चौहान को शिकायती पत्र सौंपते हुए पूरे मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की। सपा नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया और प्रशासनिक निष्पक्षता से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
इस पूरे मामले को लेकर सपा जिला अध्यक्ष राम उदित यादव ने कहा कि संग्रामपुर ब्लॉक के ठेंगहा गांव में बूथ संख्या 207, 208 और 209 पर विवाद हुआ था। पार्टी स्तर पर जब इसकी जांच कराई गई तो आरोप सही पाए गए। उन्होंने कहा कि भाजपा जो भी सफाई दे रही है, वह पूरी तरह से गलत है। बीएलओ के पति के साथ मारपीट की गई और उनका मोबाइल छीना गया। जिसे बाद में एसडीएम ने वापस कराया।