Sonbhadra News: रिहंद डैम पर निरीक्षण के दौरान मधुमक्खियों का हमला, कई अधिकारी घायल

सोनभद्र से हैरान करने वाली खबर सामने आई है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की टीम पर मधुमक्खियों ने अचानक हमला कर दिया। पूरी खबर डाइनामाइटट न्यूज पर

Updated : 31 May 2025, 7:14 PM IST
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सोनभद्र:  उत्तर प्रदेश  के सोनभद्र से हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यहां पिपरी स्थित रिहंद डैम के फाटक की जांच करने शनिवार की दोपहर पहुंची सिंचाई विभाग के अधिकारियों की टीम पर मधुमक्खियों ने अचानक हमला बोल दिया।

डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के मुताबिक, मधुमक्खियां के हमले में कई अधिकारी घायल हो गये, जिन्हें तत्काल हिंडालको चिकित्सालय ले जाया गया।

मिली जानकारी के अनुसार शनिवार की दोपहर लगभग 11 बजे सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता रूपेश कुमार खरे, अधीक्षण अभियंता सीलचंद उपाध्याय, एसडीओ प्रसून उत्तम, रविंद्र नाथ सोनकर, राजीव कुमार सोनकर, आनंद श्रीवास्तव सहित कई अन्य लोग बांध के निरीक्षण के लिए टॉप पर गए थे। सिंचाई विभाग की यह टीम शुक्रवार को डैम टॉप पर स्थित फाटक में हो रहे वाइब्रेशन की जांच करने पहुंची थी। जैसे ही फाटक खोला गया, नीचे छत्ते में मौजूद मधुमक्खियां अचानक सक्रिय हो गईं और पूरे दल पर हमला कर दिया। हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई लोग जान बचाने के लिए दौड़ पड़े।

बांध के गेटों की रूटीन चेकिंग

हमले के दौरान भागा दौड़ी में कुछ अधिकारी गिर गए, जिससे उन्हें मधुमक्खियों के डंक के अलावा गिरने से भी चोटें आईं। अधीक्षण अभियंता सीलचंद उपाध्याय मुंह के बल गिर पड़े, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। अन्य अधिकारियों को भी मधुमक्खियों ने बुरी तरह काटा। घायलों को तत्काल हिंडाल्को अस्पताल की इमरजेंसी यूनिट में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को दवाएं देकर डिस्चार्ज कर दिया गया। इस संबंध में सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता रूपेश खरे ने बताया कि शनिवार को बांध के गेटों की रूटीन चेकिंग चल रही थी।

सिंचाई विभाग की टीम पर हमला

इस दौरान हलचल होने पर मधुमक्खियों ने सिंचाई विभाग की टीम पर हमला कर दिया, जिससे सभी लोग घायल हो गए। अधीक्षण अभियंता सीलचंद उपाध्याय दौड़ते वक्त मुंह के बाल गिर पड़े। जिससे उन्हें सिर में और होंठ पर भी चोट लगी है, सर में उन्हें दो टांके भी लगे हैं। उन्होंने कहा कि सभी की स्थिति खतरे से बाहर है, कोई गंभीर नहीं है। सभी को इलाज के बाद छुट्टी मिल गई है, उन्होंने बताया कि पूर्व में मधुमक्खी के छत्तों को हटाने के लिए जल विद्युत निगम द्वारा फंड दिया जाता था। मगर बीते 2 वर्ष से कोई फंड नहीं मिला, जिससे मधुमक्खियां के छत्ते नहीं हटाये जा सके और यह घटना हो गई।

Location : 
  • Sonbhadra News

Published : 
  • 31 May 2025, 7:14 PM IST

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