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जंतर-मंतर पहुंची सपा सांसद डिंपल यादव (Img- Dynamite News)
New Delhi: राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर देश की सबसे बड़ी सियासी और सामाजिक जंग का केंद्र बन गया है। प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 19 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं।
इस आंदोलन को अब उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) का भी खुला समर्थन मिल गया है। गुरुवार को सपा सांसद डिंपल यादव और पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव ने खुद जंतर-मंतर पहुंचकर वांगचुक से मुलाकात की और उनके बिगड़ते स्वास्थ्य को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले चल रहे इस छात्र आंदोलन को धार देने के लिए समाजवादी पार्टी के नेताओं ने मौके पर पहुंचकर एकजुटता दिखाई। डिंपल यादव ने वांगचुक के स्वास्थ्य का हालचाल जाना और उनके इस संघर्ष को छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया।
इससे पहले आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी वहां जाने की घोषणा की थी, जबकि कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने उनसे अनशन खत्म करने की भावुक अपील की थी। किसान नेता राकेश टिकैत भी इस आंदोलन के समर्थन में उतर आए हैं, जिससे यह साफ है कि आने वाले दिनों में यह विरोध प्रदर्शन सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनने जा रहा है।
अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक से मुलाकात की सांसद डिंपल यादव और सांसद धर्मेंद्र यादव#SonamWangchuk #JantarMantar #DelhiProtest@dimpleyadav @samajwadiparty @mediacellsp pic.twitter.com/unhgSlxNyH
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) July 16, 2026
लगातार 19 दिनों से भूखे रहने के कारण सोनम वांगचुक का वजन तेजी से गिरा है और उनके स्वास्थ्य को लेकर समर्थक बेहद चिंतित हैं। इसी बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया है। कोर्ट ने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि वह रोजाना वांगचुक का मेडिकल परीक्षण कराए और स्थिति बिगड़ने पर तुरंत आवश्यक चिकित्सा हस्तक्षेप सुनिश्चित करे। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि हर नागरिक की जिंदगी बेहद अनमोल है।
शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार और परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर यह आंदोलन अब आर-पार की लड़ाई में तब्दील होने जा रहा है। सीजेपी (CJP) ने आगामी 20 जुलाई को संसद तक एक बड़े विरोध मार्च का ऐलान किया है। विपक्षी नेताओं के बढ़ते समर्थन और छात्रों की भारी भागीदारी को देखते हुए यह तय माना जा रहा है कि संसद के मानसून सत्र के दौरान यह मुद्दा दोनों सदनों में जमकर गूंजेगा।
Location : New Delhi
Published : 16 July 2026, 4:25 PM IST