हिंदी
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Img : Google)
Firozabad : जिले में ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एक बार फिर सरकार की नीतियों पर तीखे सवाल उठाकर सियासी और धार्मिक हलकों में हलचल मचा दी है। खासकर राम मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर उनके बयान ने नई बहस छेड़ दी है।
टूण्डला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान शंकराचार्य ने राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर स्पष्ट कहा कि मंदिर निर्माण और उससे जुड़े प्रबंधन की सभी व्यवस्थाओं की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने इशारों में सवाल उठाया कि चढ़ावे और संसाधनों के संचालन में पारदर्शिता कितनी है और इसकी जांच जरूरी है।
शंकराचार्य के इस बयान के बाद राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे और उसके प्रबंधन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थानों की व्यवस्थाएं केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और पारदर्शिता का भी सवाल हैं।
उन्होंने गौरक्षा यात्रा को लेकर सभी राजनीतिक दलों से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की। साथ ही बूचड़खानों के संचालन पर सवाल उठाते हुए कहा कि गौवंश संरक्षण के लिए सरकारों को प्रभावी और सख्त कदम उठाने चाहिए।
“जीते जी मर गई वो…” फिरोजाबाद में विवाहिता के आरोपों से मचा हड़कंप, FIR दर्ज
नीट परीक्षा विवाद पर शंकराचार्य ने निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि छात्रों के भविष्य से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और भरोसा बनाए रखने पर जोर दिया।
उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेताओं से हुई मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि गौरक्षा के मुद्दे पर ठोस और स्पष्ट संकल्प के बाद ही समर्थन पर विचार किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि यह मुद्दा राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व का है।
Location : Firozabad
Published : 9 June 2026, 5:06 AM IST