मेरठ में सपना हत्याकांड: सात जन्मों का था वादा, लेकिन 7 महीनों में टूटा, कौन देगा इन सवालों का जवाब?

घर का हर कोना खून से सना हुआ था। सपना के जिस कमरे में उसकी हत्या हुई, वहां दीवारों से लेकर फर्श तक खून ही खून फैला था। यहां तक कि आरोपी खुद भी खून से लथपथ था, लेकिन उसके चेहरे पर किसी भी प्रकार की पश्चाताप की कोई झलक नहीं थी।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 3 August 2025, 7:41 AM IST
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Meerut News: जिले के ग्राम अम्हैड़ा में घटी एक दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। 22 वर्षीय सपना की निर्मम हत्या की खबर जैसे ही गांव में फैली, पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। लोग अपने-अपने काम छोड़कर उसकी अंतिम झलक पाने के लिए उसके घर की ओर दौड़ पड़े। जिस मोहल्ले से शादी के बाद सपना की विदाई हुई थी, वही आज उसकी अंतिम विदाई का मूक गवाह बना।

मोहल्ले की महिलाओं का दर्द

सपना के पड़ोस में रहने वाली महिलाएं, जो उसे बचपन से जानती थीं, गम और आक्रोश में डूबी हुई थीं। उन्होंने कहा, "अगर किसी बात की नाराजगी थी या सपना से कोई गलती हो गई थी तो वह परिवार से या सपना से बैठकर बात कर सकता था। ऐसा जघन्य कदम उठाने की क्या जरूरत थी?"

हत्या की क्या जरूरत थी

उनका कहना था कि आपसी मतभेद कोई नई बात नहीं होती। “समस्या होती तो मिल बैठकर समाधान निकाला जा सकता था। हम सभी साथ में होते, कोई रास्ता जरूर निकलता। लेकिन उसने तो सारी सीमाएं ही लांघ दीं।”

हत्या का खौफनाक मंजर

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घर का हर कोना खून से सना हुआ था। सपना के जिस कमरे में उसकी हत्या हुई, वहां दीवारों से लेकर फर्श तक खून ही खून फैला था। यहां तक कि आरोपी खुद भी खून से लथपथ था, लेकिन उसके चेहरे पर किसी भी प्रकार की पश्चाताप की कोई झलक नहीं थी।

सवालों में घिरा ‘सात जन्मों’ का रिश्ता

सपना की शादी को अभी आठ महीने भी नहीं हुए थे। सात फेरे लेकर जो साथ सात जन्मों का वादा किया गया था, वह सात महीने में ही टूट गया। मोहल्ले वालों का कहना है कि अगर रिश्ते में दरार आ गई थी, तो तलाक का रास्ता अपनाया जा सकता था। महिलाओं ने भारी मन से कहा, "कम से कम वो जिंदा तो रह जाती। तलाक हो जाता, तो वह अपनी मां समान बहन के पास लौट आती, अपनी ज़िंदगी फिर से शुरू कर सकती थी"

Location : 
  • Meerut

Published : 
  • 3 August 2025, 7:41 AM IST

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