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पीड़ित सलीम वास्तिक (Img: Google)
Ghaziabad: दिल्ली से सटे लोनी में 27 फरवरी की दोपहर उस समय सनसनी फैल गई, जब दो हमलावर कट्टरपंथी सोच वाले सलीम वास्तिक के ऑफिस में घुस गए और उन पर हमला कर दिया। गर्दन में चाकू लगने के बावजूद सलीम की हिम्मत भरी लड़ाई ने न सिर्फ उनकी जान बचाई बल्कि हमलावरों के मंसूबों को भी नाकाम कर दिया।
घटना के समय सलीम अपने ऑफिस में आराम कर रहे थे, तभी दो भाई जीशान और गुलफाम घुस आए। हमलावरों ने अचानक सलीम की गर्दन और शरीर के दूसरे हिस्सों पर धारदार हथियारों से हमला करना शुरू कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, सलीम बहादुरी से लड़ता रहा और हमलावरों का सामना किया, जिससे वे मौके से भागने पर मजबूर हो गए।
जानकारी के अनुसार, आरोपियों को 24 घंटे के अंदर एनकाउंटर में मार गिराया गया। इस मामले में गाजियाबाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की। हमले के कुछ ही घंटों में पुलिस ने घेराबंदी कर ली और मुख्य आरोपी जीशान और गुलफाम ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दोनों हमलावरों को मार गिराया।
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अस्पताल से घर लौटते समय उसकी आवाज वापस आ गई। हमले में सलीम का गला बुरी तरह कट गया था, जिसके बाद डर था कि वह कभी बोल नहीं पाएंगे। हालांकि, सफल सर्जरी और बेहतरीन इलाज के बाद, सलीम अब पूरी तरह ठीक होकर घर लौट आये हैं। उनकी आवाज वापस आ गई है और वह एक बार फिर पहले की तरह बोल रहे हैं।
बताया जा रहा है कि सलीम वास्तिक ने पहले कभी सुरक्षा नहीं मांगी थी, लेकिन इस हमले के बाद प्रशासन ने उसके घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। सलीम का कहना है कि दो लोगों की कट्टरपंथी सोच ने पूरे समुदाय को शर्मसार कर दिया है।
Location : Ghaziabad
Published : 2 April 2026, 1:01 PM IST