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संभल हिंसा के मास्टरमाइंड शारिक साठा की कहानी ट्रक हेल्पर से शुरू होकर अंतरराष्ट्रीय हथियार और सोना तस्करी तक पहुंची। दुबई में बैठकर हिंसा की साजिश रचने वाले साठा के घर पर अब पुलिस का शिकंजा कस चुका है।
दुबई से संभल तक दंगे की साजिश
Sambhal: यूपी के संभल हिंसा के मास्टरमाइंड और कुख्यात फरार गैंगस्टर शारिक उर्फ साठा के खिलाफ बुधवार को बड़ी कार्रवाई की गई। कोर्ट के आदेश पर नखासा थाना क्षेत्र के मोहल्ला हिंदूपुरा खेड़ा पजाया स्थित उसके घर की कुर्की की गई। सुबह करीब 11 बजे 5 थानों नखासा, रायसत्ती, संभल कोतवाली, हयातनगर और AHTU के 100 से अधिक पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया और पहले डुगडुगी बजाकर कार्रवाई की घोषणा की गई।
पुलिस जांच में सामने आया है कि 24 नवंबर 2024 को संभल कोर्ट के आदेश पर जामा मस्जिद का सर्वे चल रहा था। इसी दौरान हिंसा भड़क गई थी। पुलिस वाहनों को आग के हवाले किया गया और फायरिंग हुई, जिसमें चार मुस्लिम युवकों की मौत हो गई। घटनास्थल से पाकिस्तान में बने कारतूस भी बरामद हुए। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस पूरी हिंसा की साजिश दुबई में बैठे शारिक साठा ने रची और वहीं से अपने गुर्गों को निर्देश दिए।
मामले में शारिक के तीन गुर्गे गुलाम, वारिस और मुल्ला अफरोज को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पूछताछ में तीनों ने कबूल किया कि शारिक साठा के कहने पर दंगाइयों को हथियार सप्लाई किए गए थे। पुलिस इनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है और फिलहाल तीनों जेल में बंद हैं।
शारिक उर्फ साठा संभल के मोहल्ला दीपा सराय का रहने वाला है। उसका आपराधिक सफर बेहद साधारण शुरुआत से शुरू हुआ। शुरुआती दौर में वह ट्रक और बसों पर हेल्पर का काम करता था।
1991 में गुजरात से आ रहे चीनी से भरे ट्रक को गायब करने के मामले में उसके खिलाफ पहली एफआईआर दर्ज हुई। इसके बाद उसने लूट, चोरी और वाहन कटवाने जैसे अपराध शुरू कर दिए। समय के साथ वह संगठित अपराध की दुनिया में गहराता चला गया।
कोर्ट के आदेश पर हुई कुर्की (Img- Internet)
शारिक साठा के खिलाफ संभल, मुरादाबाद, नोएडा, दिल्ली और हापुड़ में कुल 59 एफआईआर दर्ज हैं। 10 सितंबर 2025 को संभल पुलिस ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए। 25 अक्टूबर 2025 को पुलिस ने उसकी करीब ढाई करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की थी। अब पुलिस उसकी प्रॉपर्टी पर ही एटीएस कार्यालय बनाने की तैयारी कर रही है।
एसपी कृष्ण बिश्नोई के अनुसार, शारिक साठा दुबई में बैठकर सोने की तस्करी भी कर रहा है और उसके ISI से जुड़े होने के इनपुट मिले हैं। उसका लुकआउट सर्कुलर पहले ही जारी किया जा चुका है। अब रेड कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यूपी गृह विभाग के जरिए पूरी फाइल गृह मंत्रालय और इंटरपोल को भेजी जा रही है।
जांच में खुलासा हुआ कि शारिक की दुबई में मुलाकात दिल्ली के जाफराबाद निवासी सलीम पिस्टल से हुई थी, जो पाकिस्तान से हथियार तस्करी के लिए कुख्यात है। दोनों भारत-नेपाल बॉर्डर पर अवैध हथियारों की बड़ी फैक्ट्री खोलने की योजना बना रहे थे। हालांकि, सलीम नेपाल में पकड़ा गया, जबकि शारिक अब भी दुबई में फरार है।
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संभल हिंसा के मामले में अब तक 134 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। इनमें तीन महिलाएं और शारिक के तीन गुर्गे भी शामिल हैं। कुल 2200 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया गया था। पुलिस के अनुसार, हिंसा का मुख्य साजिशकर्ता शारिक साठा अभी भी फरार है और उसकी तलाश जारी है।