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गीडा थाना क्षेत्र के बाधागाड़ा टोला जीतपुर निवासी दिव्यांग चंद्रकेश पुत्र रामवृक्ष को पुराने मुकदमे में समझौता कराने के दबाव के बीच कथित मनबढ़ों ने फोन पर जान से मारने की धमकी देनी शुरू कर दी।
थाना गीडा
Gorakhpur: गोरखपुर में न्याय की राह पर डटे एक दिव्यांग युवक को सुलह न करना भारी पड़ गया। गीडा थाना क्षेत्र के बाधागाड़ा टोला जीतपुर निवासी दिव्यांग चंद्रकेश पुत्र रामवृक्ष को पुराने मुकदमे में समझौता कराने के दबाव के बीच कथित मनबढ़ों ने फोन पर जान से मारने की धमकी देनी शुरू कर दी। लगातार मिल रही धमकियों से सहमे पीड़ित ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई, जिसके बाद सीओ गीडा के आदेश पर पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
पीड़ित चंद्रकेश के अनुसार वर्ष 2023 में कुछ लोगों द्वारा उसे धमकाने और मारपीट की कोशिश किए जाने के मामले में गीडा थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। उसी प्रकरण को लेकर आरोपी लगातार सुलह का दबाव बना रहे थे। दिव्यांग होने के बावजूद न्याय के लिए अडिग चंद्रकेश ने समझौता करने से साफ इनकार कर दिया। आरोप है कि इसी के बाद आरोपियों का रवैया और आक्रामक हो गया और उन्होंने फोन कॉल के जरिए उसे जान से मारने की धमकी देनी शुरू कर दी।
धमकियों की तीव्रता बढ़ने और किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए पीड़ित ने सीधे क्षेत्राधिकारी (सीओ) गीडा से न्याय की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को समझते हुए सीओ गीडा ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। आदेश के अनुपालन में गीडा पुलिस ने आरोपी सन्नी देवल, चंदन और दीपू के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दिव्यांग व्यक्ति पर इस तरह का दबाव और धमकी कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। समाज के कमजोर वर्ग के व्यक्ति को न्याय से पीछे हटाने की कोशिश न केवल अपराध है, बल्कि मानवता पर भी आघात है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दर्ज मुकदमे में कॉल डिटेल्स सहित अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है और आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
उधर, पीड़ित परिवार ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक खतरा बना रहेगा। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि किसी भी तरह से पीड़ित को न्याय से वंचित न किया जा सके।