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पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ दी गई रामयश सिंह को अंतिम विदाई
Lucknow: पुलिस सेवा को नौकरी नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम बनाने वाले पूर्व आईपीएस अधिकारी और बिहार के डीआईजी पद से सेवानिवृत्त रामयश सिंह अनंत यात्रा पर निकल गए। वे उत्तर प्रदेश के एडीजी (Law & Order) और एसटीएफ प्रमुख अमिताभ यश के पिता थे। सोमवार दोपहर उनका निधन हो गया था। मंगलवार सुबह लखनऊ में उन्हें पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
मंगलवार सुबह लखनऊ स्थित आवास पर रामयश सिंह के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। गमगीन माहौल में परिजनों, निकट संबंधियों और बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें नमन किया और पुष्पांजलि अर्पित की।
इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सोमवार देर शाम अमिताभ यश के आवास पर पहुंचे, जहां उन्होंने ब्रह्मलीन रामयश सिंह को श्रद्धांजलि दी।
रामयश सिंह की अंतिम यात्रा मंगलवार सुबह उनके आवास से भैंसाकुंड स्थित बैकुंठ धाम के लिए रवाना हुई। अमिताभ यश समेत चारों पुत्रों ने अपने पिता को कंधा दिया। जैसे ही अंतिम यात्रा बैकुंठ धाम पहुंची, माहौल और भी भावुक हो गया और हर आंख नम नजर आई।
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— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) April 28, 2026
अमिताभ यश और उनके तीनों भाइयों ने पिता को मुखाग्नि दी। मुखाग्नि से पहले नम आंखों से उन्हें केश अर्पित किए गए।
डाइनामाइट न्यूज़ के एडिटर-इन-चीफ मनोज टिबड़ेवाल आकाश ने भी रामयश सिंह के पार्थिव शरीर को कंधा दिया। रामयश सिंह डाइनामाइट न्यूज़ के सलाहकार मंडल के सदस्य भी थे।
डाइनामाइट न्यूज़ के बोर्ड ऑफ़ एडवाइजर्स के सदस्य और पूर्व IPS राम यश सिंह के पार्थिव शरीर को कंधा देते उनके बेटे ADG अमिताभ यश और डाइनामाइट न्यूज़ के एडिटर-इन-चीफ मनोज टिबड़ेवाल आकाश#RamYashSingh #FormerIPSOfficer #Tribute #latestnews @AmitabhYash @Manoj_Tibrewal pic.twitter.com/ozHaYsbiZa
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अंतिम विदाई में प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजीपी राजीव कृष्ण, मंत्री दया शंकर सिंह, राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह समेत कई अधिकारी, राजनेता, पत्रकार और गणमान्य लोग शामिल हुए।
रामयश सिंह सोमवार दोपहर हार्ट अटैक के कारण बेहोश हो गए थे। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने उच्च कोटि के साहस और बहादुरी का परिचय दिया, जिसके लिए उन्हें राष्ट्रपति के वीरता पदक से सम्मानित किया गया था।
बिहार कैडर के 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे रामयश सिंह का जन्म 1944 में हुआ था। बिहार पुलिस और विधिक क्षेत्र में उनका एक सम्मानित नाम था। उन्होंने आरा के जैन कॉलेज से बीएससी की डिग्री प्राप्त की और बाद में आईपीएस अधिकारी बने।
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उन्होंने वेस्ट चंपारण, ईस्ट चंपारण और जहानाबाद जैसे जिलों में एसएसपी के रूप में कार्य किया। विभिन्न पदों पर रहते हुए उन्होंने अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
रामयश सिंह न केवल एक सख्त और ईमानदार पुलिस अधिकारी के रूप में जाने जाते थे, बल्कि उन्होंने अपने पूरे करियर में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाई।
सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने पटना हाईकोर्ट में सीनियर एडवोकेट के रूप में भी कार्य किया और न्याय व्यवस्था में योगदान दिया।
उनका जीवन अनुशासन, साहस और जनसेवा की मिसाल रहा है। उन्होंने न केवल बिहार बल्कि देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई। उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
उनके निधन की खबर से पुलिस और प्रशासनिक महकमे में शोक की लहर है।
Location : Lucknow
Published : 28 April 2026, 1:40 PM IST