रायबरेली के छात्रों ने 10वीं में किया कमाल, पूरे जिले का बढ़ाया मान

रायबरेली के छात्रों ने सीबीएसई 10वीं परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम रोशन किया है। चाय की टपरी चलाने वाले के बेटे ने 98% अंक हासिल कर सबको चौंका दिया। कई छात्रों ने टॉप किया और अपनी मेहनत, लगन व समर्पण से सफलता की नई मिसाल पेश की।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 17 April 2026, 12:45 PM IST
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Raebareli: रायबरेली में चाय की टपरी चलाने वाले का बेटा सीबीएससी टेंथ रिजल्ट में 98 परसेंट नम्बर लाया है। ख़ास बात यह कि स्कूल के बाद यह मेधावी छात्र चाय की टपरी पर अपने पिता का हाथ भी बटाता है। ग्रामीण परिवेश में रहने वाला यह बच्चा एनएसपीएस सलोन का छात्र है। आगे चलकर डॉक्टर बनने की चाह रखने वाला यह बच्चा सुविधाओं का न होना पढ़ाई में बाधा नहीं मानता है। इसका कहना है कि डेडीकेशन आवश्यक है सफलता के लिए। इसी स्कूल के जिला टॉपर श्रेयांश मिश्रा भी सफलता के हार्ड वर्क को ज़रूरी मानते हुए आगे चलकर मेकेनिकल इंनजीनियर बनना चाहते हैं।

शिक्षकों को दिया सफलता का श्रेय

वहीं इसी ग्रुप की शहर ब्रांच की छात्रा मान्या बाजपेयी निरंतरता, हार्ड वर्क और सेल्फ डीसिप्लिन को सफलता का मूलमंत्र मानते हुए आगे चलकर डेटा साइंटिस्ट बनना चाहती हैं। इस बार के टॉपर्स ने सिविल सर्विसेज में जाने की इच्छा नहीं जताई है। इससे इतना तो साफ है कि टेक्निकल फील्ड और जॉब ओरिएंटेड कोर्स को आज का युवा प्राथमिकता दे रहा है। इस अवसर पर एनएसपीएस सलोन की प्रिंसिपल कामक्षा सिंह और ग्रुप के फाउंडर ने इस सफलता का श्रेय शिक्षकों को दिया है।

पढ़ लिखकर एक अच्छा मुकाम हासिल करना 

मान्या वाजपेई ने कहा कि उन्होंने सीबीएसई की 10 वीं की परीक्षा में 98.5 फीसदी अंक हासिल किया है। उन्होंने बताया हमारे हार्ड वर्क, टीचरों का सहयोग और स्कूल का माहौल ही हमे अच्छे अंक हासिल करने में मदद करता है। आईआईटी की तैयारी करके वह डेटा साइंटिस्ट बनना चाहती हैं। वहीं श्रेयांश वाजपेयी ने बताया कि उन्होंने 10 वीं 98 फीसदी अंक हासिल किया। लगातार पढ़ाई के कारण और स्कूल के साथ परिजन का सहयोग उनकी उपलब्धि का कारण हैं। वह मेकेनिकल इंजीनियरिंग में जाना चाहते हैं। श्रेयांश की मां अपर्णा मिश्रा इसी स्कूल में टीचर हैं उनका कहना है कि कुछ महीने पहले उनके पति का देहांत हो गया था, लेकिन उन्होंने बच्चों की पढ़ाई को लेकर इस दुख को हावी नहीं होने दिया। वह सिंगल मदर हैं और वह चाहती है कि उनका बेटा पढ़ लिखकर एक अच्छा मुकाम हासिल करें।

राज कुमार साहू की सफलता की कहानी

राज कुमार साहू ने कहा कि उसने क्लास 10वीं में 98 फीसदी अंक हासिल किया है। उसके पिता जी एक चाय की दुकान चलाते हैं। स्कूल के बाद वह अपने पिता के साथ दुकान में हाथ बंटाते हैं। वहीं स्कूल के टीचरों के सहयोग की वजह से उन्होंने परीक्षा में अच्छे अंक हासिल किए हैं। उन्होंने कहा कि चाय बनाने जैसे काम की वजह से पढ़ाई में कोई बाधा तब नहीं आती जब आप समय मिलने पर मन लगाकर पढ़ाई करते हैं।

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क्या बोंली स्कूल की प्रिंसिपल कामाक्षा सिंह

राजकुमार ने कहा कि वह डॉक्टर बनना चाहता है। स्कूल की प्रिंसिपल कामाक्षा सिंह ने बताया कि हमारे बच्चों ने पिछले 4 साल से टॉपर दिए हैं । इस साल रायबरेली जिले के तीन टॉपर में से दो बच्चे हमारे एन एस पी एस स्कूल के हैं। यह हमारे लिये गर्व की बात है। वहीं एन एस पी एस ग्रुप के सीएमडी डॉ शशिकांत शर्मा ने कहा कि हमारे बच्चों को बधाई देते हुए कहना चाहता हूं कि हम अपने स्कूल के बच्चों के साथ करते हैं वही व्यवहार हम अपने स्कूल के बच्चों के साथ करते हैं। जिसका परिणाम आज सबके सामने हैं। हमारे एक बच्चे जिसने चाय की दुकान पर काम करने के साथ साथ परीक्षा में अच्छा परिणाम दिया है। अपनी सभी ब्रांच में फीस के साथ साथ अच्छा क्वालिफाइड स्टाफ भी देते हैं। हम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में विश्वास करते हैं।

Location :  Raebareli

Published :  17 April 2026, 12:45 PM IST

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