प्रयागराज में STF का बड़ा एक्शन: पांच साल से हथियारों की तस्करी कर रहा तस्कर गिरफ्तार, चार अवैध पिस्टल और कारतूस बरामद

प्रयागराज एसटीएफ ने अवैध असलहा तस्कर को हंडिया से गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से चार पिस्टल, आठ मैगजीन और भारी मात्रा में 32 बोर के कारतूस बरामद हुए हैं। वह 5 साल से पटना से हथियार लाकर सप्लाई करता था, और उसके दो फरार साथियों की तलाश जारी है।

Updated : 4 August 2026, 12:46 PM IST
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Prayagraj: उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने अवैध हथियारों के एक बड़े सौदागर को धर दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है। एसटीएफ के हत्थे चढ़ा शातिर अपराधी लंबे समय से प्रयागराज और आसपास के इलाकों में अवैध असलहों की खेप सप्लाई कर रहा था। पुलिस ने तस्कर के पास से चार आधुनिक पिस्टल, आठ मैगजीन और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं। फिलहाल, एसटीएफ गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके फरार साथियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

फिल्मी अंदाज में हुई घेराबंदी और गिरफ्तारी

एसटीएफ को लंबे समय से एक ऐसे शातिर हथियार तस्कर की तलाश थी जो संगम नगरी में अपराध की दुनिया को लगातार आधुनिक हथियारों की सप्लाई दे रहा था। एसटीएफ को गोपनीय सूत्रों के जरिए पुख्ता सूचना मिली थी कि कुणाल पांडे नाम का यह तस्कर अवैध असलाहों की एक बड़ी खेप लेकर प्रयागराज शहर की तरफ आ रहा है।

इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए एसटीएफ की टीम ने हंडिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली भीटी रेलवे क्रॉसिंग के पास जाल बिछाया और पूरी मुस्तैदी से घेराबंदी कर ली। कुछ देर बाद कुणाल अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर वहां से गुजरता हुआ दिखाई दिया। एसटीएफ के जवानों ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन शातिर तस्कर ने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की और बाइक की रफ्तार बढ़ा दी। सतर्क एसटीएफ टीम ने बिना एक पल गंवाए उसका पीछा किया और मुस्तैदी दिखाते हुए उसे घेरकर जबरन दबोच लिया।

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तलाशी में मिला हथियारों का जखीरा

एसटीएफ की टीम ने जब पकड़े गए आरोपी कुणाल पांडे की तलाशी ली, तो उसके पास से भारी मात्रा में अवैध असलहे और गोला-बारूद बरामद हुआ। पुलिस के हाथ जो सामान लगा, उसमें चार आधुनिक पिस्टल, आठ मैगजीन, भारी मात्रा में 32 बोर के कारतूस शामिल हैं।

पूछताछ में खुला तस्करों का पूरा नेटवर्क

एसटीएफ के इंस्पेक्टर जेपी राय ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पकड़ा गया आरोपी कुणाल पांडे मूल रूप से प्रयागराज के हंडिया थाना क्षेत्र के बरोत गांव का रहने वाला है। पूछताछ के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि कुणाल पिछले करीब 5 वर्षों से अवैध हथियारों की तस्करी के काले कारोबार में सक्रिय रूप से लिप्त है।

तस्करी के इस अवैध कारोबार का दायरा सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं था, बल्कि कुणाल पड़ोसी राज्य बिहार के पटना से हथियारों की खरीद-फरोख्त करता था। वह पटना से मात्र 30,000 रुपये में 32 बोर की एक पिस्टल खरीदकर लाता था और प्रयागराज में लाकर उन्हीं पिस्टलों को 35,000 से 40,000 रुपये तक की ऊंचे दामों में बेच देता था।

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गैंग का सरगना है कुणाल, दो अन्य गुर्गों की तलाश जारी

एसटीएफ इंस्पेक्टर जेपी राय के अनुसार, कुणाल पांडे इस अवैध हथियार तस्करी गिरोह का मास्टरमाइंड है। वह अकेले इस धंधे को नहीं चलाता था, बल्कि अपने खास गुर्गों और सहयोगियों के जरिए प्रयागराज और आसपास के इलाकों में अवैध असलाहों की डिलीवरी करवाता था।

कुणाल की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ को उसके दो अन्य अहम साथियों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जो इस समय फरार चल रहे हैं। एसटीएफ की टीमें इन दोनों फरार बदमाशों की सरगर्मी से तलाश कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही गिरोह के बाकी सदस्यों को भी गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

Location :  Prayagraj

Published :  4 August 2026, 12:46 PM IST

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