प्रयागराज में सील मकान को लेकर विवाद, अखिलेश यादव ने उठाए सवाल, PDA ने आरोपों को बताया गलत

प्रयागराज के सिविल लाइंस इलाके में एक मकान को सील किए जाने की कार्रवाई विवादों में आ गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि घर के अंदर एक लड़की मौजूद थी, जबकि PDAने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।

Post Published By: Komal Chauhan
Updated : 18 June 2026, 5:02 PM IST
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Prayagraj: प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) द्वारा सिविल लाइंस क्षेत्र में एक मकान को सील किए जाने का मामला चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वीडियो में दावा किया गया कि मकान सील करते समय घर के अंदर एक लड़की मौजूद थी। इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है।

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर उठाए सवाल

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व CM अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच X पर वीडियो साझा करते हुए PDA की कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि एक महिला का घर उस समय सील कर दिया गया जब उसकी बेटी घर के अंदर थी। अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में कहा कि महिला अपने दूसरे बच्चे को परीक्षा दिलाने बाहर गई हुई थी और इसी दौरान पीडीए ने मकान को सील कर दिया। उन्होंने इस घटना को "अमानवीय" और "असंवेदनशील" बताया। साथ ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ निलंबन और कड़ी कार्रवाई की मांग भी की।

भाजपा सरकार पर साधा निशाना

अखिलेश यादव ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह घटना महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को लेकर किए जाने वाले दावों पर सवाल खड़े करती है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि यदि वास्तव में लड़की घर के अंदर थी तो यह बेहद गंभीर और निंदनीय घटना है।

पीडीए ने आरोपों को बताया निराधार

विवाद बढ़ने के बाद प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने सफाई जारी की। PDA के उपाध्यक्ष ऋषिराज ने कहा कि सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावे तथ्यहीन हैं। उनके अनुसार जिस मकान को सील किया गया, उसके बगल में ही लड़की के मामा का घर है और दोनों मकानों के बीच पिछले हिस्से से आने-जाने का रास्ता मौजूद है। ऋषिराज ने बताया कि लड़की सीलिंग की कार्रवाई के बाद उस रास्ते से घर के अंदर गई थी। इसलिए यह कहना गलत है कि उसे सील किए गए मकान के अंदर बंद कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की पूरी कार्रवाई नियमों के तहत की गई है।

सोशल मीडिया पर जारी है बहस

इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी है। एक ओर विपक्षी दल PDA की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन अपने पक्ष में तथ्य पेश कर रहा है। वायरल वीडियो और आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब लोगों की नजर इस बात पर है कि मामले की सच्चाई क्या है और प्रशासन की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

जांच और तथ्य सामने आने का इंतजार

फिलहाल मामले में दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। एक ओर अखिलेश यादव इसे मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा गंभीर मामला बता रहे हैं, वहीं PDA प्रशासन आरोपों को पूरी तरह गलत ठहरा रहा है। ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने के लिए आधिकारिक तथ्यों और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

Location :  Prayagraj

Published :  18 June 2026, 4:53 PM IST

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