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माघ मेला 3 जनवरी, 2026 से शुरू हो गया है और शहर की सड़कों पर आस्था और उत्साह का माहौल साफ दिख रहा है। संगम ही नहीं, बल्कि शहर की असली खूबसूरती माघ मेले के दौरान इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जगहों पर भी देखने को मिलती है। 2025 के डेटा से पता चलता है कि लोग छुट्टियों के लिए गोवा या कश्मीर से ज्यादा प्रयागराज को ढूंढ रहे हैं। विजिटर सिर्फ आस्था ही नहीं, बल्कि शहर की विरासत, शांति और इतिहास का भी अनुभव करना चाहते हैं। (Img: Google)
माघ मेला 3 जनवरी, 2026 से शुरू हो गया है और शहर की सड़कों पर आस्था और उत्साह का माहौल साफ दिख रहा है। संगम ही नहीं, बल्कि शहर की असली खूबसूरती माघ मेले के दौरान इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जगहों पर भी देखने को मिलती है। 2025 के डेटा से पता चलता है कि लोग छुट्टियों के लिए गोवा या कश्मीर से ज्यादा प्रयागराज को ढूंढ रहे हैं। विजिटर सिर्फ आस्था ही नहीं, बल्कि शहर की विरासत, शांति और इतिहास का भी अनुभव करना चाहते हैं। (Img: Google)