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प्रयागराज के संगम तट पर स्थित प्रसिद्ध बड़े हनुमान मंदिर में सोमवार सुबह से श्रद्धालुओं के लिए दर्शन-पूजन की व्यवस्था पूरी तरह से बहाल हो गई है। करीब 13 दिनों तक बाढ़ के पानी में डूबे रहने के कारण मंदिर के पट बंद रहे थे, जिससे श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। रविवार की रात मंदिर के प्रांगण और गर्भगृह की सफाई और मलबा हटाने का काम पूरा होने के बाद मंदिर के पट खोल दिए गए।
बड़े हनुमान मंदिर में 13 दिन बाद शुरू हुए दर्शन-पूजन
Prayagraj: प्रयागराज के संगम तट पर स्थित प्रसिद्ध बड़े हनुमान मंदिर में सोमवार सुबह से श्रद्धालुओं के लिए दर्शन-पूजन की व्यवस्था पूरी तरह से बहाल हो गई है। करीब 13 दिनों तक बाढ़ के पानी में डूबे रहने के कारण मंदिर के पट बंद रहे थे, जिससे श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। रविवार की रात मंदिर के प्रांगण और गर्भगृह की सफाई और मलबा हटाने का काम पूरा होने के बाद मंदिर के पट खोल दिए गए।
मंदिर में बाढ़ का पानी 10 अगस्त को पूरी तरह निकल गया था। इसके बाद रविवार को मंदिर परिसर की सफाई का व्यापक कार्य किया गया। इस कार्य में पुजारियों और स्वेच्छा से आए स्वयंसेवकों ने दिनभर मेहनत की। महंत बलवीर गिरि की अगुवाई में विधिवत पूजा-अर्चना और हनुमानजी का अभिषेक किया गया। मंदिर में भक्तिमय वातावरण बनाने के लिए हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ भी आयोजित किया गया।
विशेष रूप से, बाढ़ के दौरान मंदिर के कार्यालय कक्ष में सुरक्षित रखी गई हनुमान जी की चल मूर्ति को गर्भगृह में पुनः स्थापित किया गया। इस दौरान मंदिर में जय श्रीराम और जय जय हनुमान के उद्घोष पूरे उत्साह के साथ किए गए। श्रद्धालुओं ने इस अवसर पर मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में पहुंचकर आशीर्वाद लिया।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की साफ-सफाई में किए गए प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि अब मंदिर पूरी तरह से सुरक्षित और साफ-सुथरा हो गया है, जिससे वे मन की शांति के साथ हनुमान जी के दर्शन कर सकते हैं।
मंदिर के पट खुलने के बाद भक्तों में उत्साह देखा गया है। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण मंदिर बंद रहने से वे काफी दिनों से परेशान थे। अब जब दर्शन शुरू हो गए हैं, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है।
मंदिर प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे परिसर में स्वच्छता बनाए रखें और कोरोना नियमों का पालन करें ताकि सबके लिए दर्शन-पूजन सुरक्षित और सुगम हो सके।
इस प्रकार, संगम तट पर स्थित बड़े हनुमान मंदिर ने बाढ़ के बाद पुनः अपनी भव्यता और धार्मिक गरिमा को हासिल कर लिया है। श्रद्धालुओं के लिए यह खुशी का मौका है कि वे अब बिना किसी बाधा के पवनसुत के दर्शन-पूजन कर सकते हैं।