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अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ भ्रामक पोस्ट (Img: AI)
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 11 जून को हुई शिकायत से हुई। समाजवादी पार्टी अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रवीण यादव ने साइबर थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि सोशल मीडिया पर एक संपादित तस्वीर और भ्रामक टिप्पणियों के जरिए अखिलेश यादव तथा उनकी बेटी की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है।
शिकायत में तीन सोशल मीडिया अकाउंट्स का उल्लेख करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। इसके बाद पुलिस ने आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
मामले ने तूल पकड़ने के बाद प्रदेश सरकार ने भी इसे गंभीरता से लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद जांच में तेजी लाई गई और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर एक आरोपी तक पुलिस पहुंचने में सफल रही। इसी बीच आरोपी को गिरफ्तार कर लाने वाली पुलिस टीम की कार्यप्रणाली को लेकर भी विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
विवाद बढ़ने के बाद नागेश्वर सिंह बघेल के सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट साझा की गई, जिसमें कथित तौर पर उसने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी। पोस्ट में कहा गया कि साझा की गई सामग्री भ्रामक थी और उसे हटा दिया गया है। साथ ही किसी की बेटी या परिवार के बारे में तथ्यहीन टिप्पणी करने पर खेद भी व्यक्त किया गया।
पुलिस का कहना है कि मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Location : Kanpur
Published : 22 June 2026, 10:42 AM IST
Topics : Aditi Yadav Akhilesh Yadav UP cyber police