माघ मेला समापन से पहले गरमाई सियासत, शंकराचार्य विवाद पर अखिलेश यादव का बड़ा बयान; जानिए क्या बोले

प्रयागराज में चल रहा माघ मेला 15 फरवरी को महाशिवरात्रि स्नान के साथ समाप्त हो जाएगा। लेकिन मौनी अमावस्या के दिन से शुरू हुआ विवाद अभी तक थमता नजर नहीं आ रहा है। यह विवाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्राधिकरण के बीच शुरू हुआ था, जिसके बाद प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 14 February 2026, 5:49 PM IST

Lucknow: प्रयागराज में चल रहा माघ मेला 15 फरवरी को महाशिवरात्रि स्नान के साथ समाप्त हो जाएगा। लेकिन मौनी अमावस्या के दिन से शुरू हुआ विवाद अभी तक थमता नजर नहीं आ रहा है। यह विवाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्राधिकरण के बीच शुरू हुआ था, जिसके बाद प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है।

मुख्यमंत्री योगी के बयान से बढ़ा विवाद

शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर बयान दिया था। इस बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री के बयान को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है।

अखिलेश यादव का पलटवार

अखिलेश यादव ने कहा कि परम पूज्य शंकराचार्य के बारे में अपमानजनक शब्द कहना शाब्दिक हिंसा है और पाप भी। उन्होंने कहा कि ऐसा कहने वालों के साथ-साथ सदन में मेज थपथपाने वालों को भी इसका पाप लगेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जब भाजपा विधायक जनता के बीच जाएंगे तो जनता सड़क पर ही उनका सदन लगा देगी।

मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज में हंगामा, छात्रों की सुरक्षा पर उठे सवाल

अखिलेश ने आगे कहा कि जो लोग महाकुंभ में हुई मौतों के सही आंकड़े नहीं बताते और मुआवज़े में भी पारदर्शिता नहीं रखते, उन्हें किसी के धर्म पद पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों तक मुआवज़ा नहीं पहुंचा, उसके बारे में भी सरकार स्पष्ट जवाब नहीं दे रही है।

‘कानून का शासन’ बनाम ‘विधि का शासन’ पर टिप्पणी

अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री के ‘कानून का शासन’ वाले बयान पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि क्या इस शब्द पर सुधार के लिए दोबारा सदन बुलाया जाएगा या प्रायश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब अहंकार बोलता है तो व्यक्ति समाज में सम्मान खो देता है।

Badaun Road Accident: बदायूं में दर्दनाक सड़क हादसा, एक की मौत, एक गंभीर घायल

बयान को बताया अभद्र

अखिलेश यादव ने कहा कि शंकराचार्य पर दिया गया बयान अभद्र है और सदन में दर्ज हो चुका है। उन्होंने इसे निंदनीय बताते हुए कहा कि आने वाले चुनाव में जनता इसका जवाब देगी। माघ मेले के समापन से पहले इस विवाद ने प्रदेश की राजनीति को गर्म कर दिया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।

Location : 
  • Lucknow

Published : 
  • 14 February 2026, 5:49 PM IST