हिंदी
अंबेडकर जयंती पर सियासी संग्राम
Sonbhadra: सोनभद्र में अंबेडकर जयंती का कार्यक्रम इस बार सिर्फ श्रद्धा और सम्मान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके बहाने सियासी तकरार भी खुलकर सामने आई। खैरटिया गांव में आयोजित कार्यक्रम में जहां एक ओर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने स्वच्छता अभियान चलाकर और दुग्धाभिषेक कर बाबा साहब को नमन किया, वहीं दूसरी ओर मंच से भाजपा सरकार पर तीखे आरोप भी लगाए गए। माहौल ऐसा था जैसे श्रद्धांजलि के साथ-साथ राजनीतिक संदेश देने की भी पूरी तैयारी हो।
ओबरा विधानसभा क्षेत्र के खैरटिया गांव में 14 अप्रैल को भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के मौके पर समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहब की प्रतिमा स्थल पर साफ-सफाई अभियान से हुई। कार्यकर्ताओं ने पूरे परिसर को साफ किया और स्वच्छता का संदेश दिया।
सोनभद्र में बिजली की चिंगारी से भड़की आग, सैकड़ों बोझ गेहूं राख, पशु भी झुलसे
कार्यक्रम में ओबरा विधानसभा महासचिव और सेक्टर प्रभारी अमरनाथ यादव ने बाबा साहब के योगदान को याद करते हुए कहा कि वे वंचित, पिछड़े और दलित समाज के लिए भगवान के समान हैं। उन्होंने कहा कि अगर बाबा साहब नहीं होते तो आज ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग को शिक्षा, मतदान और सामाजिक अधिकार मिल पाना मुश्किल था।
अमरनाथ यादव ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि वह केवल दिखावे के लिए अंबेडकर जयंती मनाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब वोट बैंक की राजनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि असल जरूरत बाबा साहब के सिद्धांतों को अपनाने की है, न कि केवल औपचारिक कार्यक्रम करने की।
सपा के जिला प्रवक्ता रमेश वर्मा ने कहा कि वे पिछले 40 वर्षों से बाबा साहब के विचारों का अनुसरण कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बाबा साहब ने बेहद कठिन परिस्थितियों में जन्म लेकर दलितों और पिछड़ों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया, जो इतिहास में अद्वितीय है।
कार्यक्रम में सपा के जिला उपाध्यक्ष रमेश सिंह “जलपुरुष” यादव ने भी बाबा साहब के संघर्षों को याद किया। उन्होंने कहा कि समाज में एक समय छुआछूत और भेदभाव अपने चरम पर था, लेकिन बाबा साहब के प्रयासों ने इन परिस्थितियों को बदल दिया।
सोनभद्र में 50 किलो गांजा के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार, फर्जी नंबर प्लेट लगाकर कर रहे थे सप्लाई
समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव मुन्नीर अहमद खान ने कहा कि देश को भले ही 1947 में आजादी मिली, लेकिन असली स्वतंत्रता तब मिली जब बाबा साहब ने संविधान दिया। उन्होंने कहा कि आज हर व्यक्ति को सम्मान के साथ जीने और अपनी बात रखने का अधिकार संविधान से मिला है।
कार्यक्रम के अंत में सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने बाबा साहब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस दौरान यह भी कहा गया कि बाबा साहब के विचारों को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाया जाएगा। खैरटिया गांव का यह आयोजन भले ही श्रद्धांजलि के रूप में शुरू हुआ, लेकिन इसमें सियासी संदेश भी साफ तौर पर दिखाई दिया। अंबेडकर जयंती के बहाने जहां एक ओर सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया गया, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक बयानबाजी ने भी माहौल को गरमा दिया।
Location : Sonbhadra
Published : 13 April 2026, 1:06 PM IST