Muzaffarnagar: विश्वकर्मा जयंती से पहले फिर बढ़ा विवाद, शोभायात्रा की कमान को लेकर आमने-सामने दो गुट

भगवान विश्वकर्मा जयंती महोत्सव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे शोभायात्रा के आयोजन और अनुमति को लेकर विश्वकर्मा समाज में मतभेद सामने आने लगे हैं। पिछले साल भी समाज के यही दो गुट भगवान विश्वकर्मा की शोभायात्रा के आखिरी दिन तक आपस में लड़ते रहे जिनको लेकर प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने कई दौर की मीटिंग की कई वार्ताए की थी।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 10 September 2026, 5:55 AM IST
google-preferred

Muzaffarnagar: भगवान विश्वकर्मा जयंती महोत्सव को लेकर पिछले साल भी समाज के दो गुट भगवान विश्वकर्मा की शोभायात्रा के आखिरी दिन तक आपस में लड़ते रहे जिनको लेकर प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने कई दौर की मीटिंग की कई वार्ताए की थी। इस बार फिर यही विवाद सामने आ रहा है।

 

17 सितंबर को प्रस्तावित भगवान विश्वकर्मा शोभायात्रा की अनुमति को लेकर समाज के दो पक्ष आमने-सामने हैं। जगदीश पांचाल पक्ष ने जिलाधिकारी से अपने नाम से अनुमति दिए जाने की मांग करते हुए मुकेश कुमार धीमान पक्ष पर शोभायात्रा के नाम पर अवैध वसूली करने के आरोप लगाए। जबकि मुकेश कुमार धीमान पक्ष ने नगर मजिस्ट्रेट, जिलाधिकारी और एसएसपी से मुलाकात कर परंपरागत रूप से विश्वकर्मा चौक समिति के नाम से ही अनुमति जारी करने की मांग की है।

अधिकारी से मिलता एक पक्ष

विश्वकर्मा समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि पिछले 20-30 वर्षों से 17 सितंबर को विश्वकर्मा चौक पर भगवान विश्वकर्मा की जयंती के अवसर पर शोभायात्रा, भंडारे और प्रातःकालीन यज्ञ का आयोजन होता चला आ रहा है। विश्वकर्मा चौक समिति की देखरेख में अब तक धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित किए जाते रहे हैं। इस वर्ष भी समाज के लोग इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शोभायात्रा निकालना चाहते हैं।

समाज के प्रतिनिधियों के अनुसार, हाल के दिनों में आयोजन को लेकर समाज के भीतर मतभेद उभरकर सामने आए हैं। बीते दिनों भाजपा नेता एवं सामाजिक सेवक के रूप में स्वयं को बताने वाले जगदीश पांचाल द्वारा जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर विश्वकर्मा चौक समिति की ओर से निकाली जाने वाली शोभायात्रा की अनुमति अपने नाम से दिए जाने की मांग किए जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद दूसरे पक्ष के लोग सक्रिय हुए और उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर विश्वकर्मा चौक समिति के नाम से ही अनुमति जारी करने की मांग की है।

इसी विवाद को लेकर विश्वकर्मा समाज से जुड़े अंशुल पांचाल ने भी दूसरे संगठन से जुड़े कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि जिन लोगों ने पहले उनका मान-सम्मान किया, उन्हीं लोगों ने उनसे पैसे लिए। उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम के दौरान उनकी बात को उचित महत्व नहीं दिया गया और उन्हें न तो माइक दिया गया और न ही मंच से बोलने का अवसर मिला।

अंशुल पांचाल ने आरोप लगाया कि उनका नाम अंशुल पांचाल होने के बावजूद कार्यक्रम में उनके नाम के आगे ‘अंशुल धीमान’ लिख दिया गया। उनका कहना है कि ऐसा किए जाने से कार्यक्रम में धीमान समाज की भीड़ अधिक दिखाने का प्रयास किया गया। इस संबंध में उन्होंने देशराज पांचाल, मुकेश धीमान और जगदीश पांचाल पर आरोप लगाए हैं।

वहीं, जगदीश पांचाल की ओर से समिति के पदाधिकारियों पर शोभायात्रा के नाम पर समाज के लोगों से अवैध वसूली किए जाने के आरोप लगाए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का पक्ष सामने नहीं आया है और आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

विश्वकर्मा समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि 17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा की शोभायात्रा निकालने के लिए विश्वकर्मा चौक समिति को अनुमति प्रदान की जाए। साथ ही धार्मिक आयोजन को लेकर उत्पन्न विवाद को देखते हुए प्रशासन से निष्पक्ष निर्णय लेने और कार्यक्रम को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने की मांग की गई है।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  10 September 2026, 3:30 AM IST

Advertisement