मुजफ्फरनगर कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद : घर में अकेली थी बेटी, पिता ने तोड़ दिया था भरोसा फिर…

मुजफ्फरनगर की पॉक्सो कोर्ट ने अपनी ही नाबालिग बेटी से दुष्कर्म करने वाले आरोपी पिता को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 53 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। फैसले को महिला और बाल सुरक्षा की दिशा में अहम माना जा रहा है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 21 May 2026, 7:40 PM IST

Muzaffarnagar : जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने रिश्तों की पवित्रता को झकझोर कर रख दिया। जिस पिता के साये में एक बेटी खुद को सबसे सुरक्षित महसूस करती है, उसी पिता ने अपनी नाबालिग बेटी की जिंदगी को दर्द और डर से भर दिया। लेकिन इस बार बेटी की हिम्मत और कानून की सख्ती के आगे आरोपी बच नहीं पाया। मुजफ्फरनगर की पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग बेटी से दुष्कर्म करने वाले आरोपी पिता को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

पॉक्सो कोर्ट न्यायालय-2 की न्यायाधीश मंजुला भालोटिया ने आरोपी साबिर पुत्र चुनूं को दोषी करार देते हुए आजीवन कठोर कारावास और 53 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। मामला बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र का बताया गया है।

घर में अकेली थी बेटी, पिता ने तोड़ दिया भरोसा

अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना उस समय हुई जब परिवार के बाकी सदस्य किसी काम से घर से बाहर गए हुए थे। घर में नाबालिग बेटी अकेली थी। इसी दौरान आरोपी पिता ने बेटी के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद बच्ची डर और सदमे में थी, लेकिन उसने हिम्मत जुटाई और परिजनों को पूरी घटना बताई।

परिजनों की शिकायत पर बुढ़ाना कोतवाली पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

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मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों से साबित हुआ जुर्म

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तेजी से जांच पूरी की और मजबूत चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता के बयान, चिकित्सीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आरोप साबित किए।

सभी गवाहों और तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए सख्त सजा सुनाई। शासकीय अधिवक्ता एडवोकेट राजीव शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने मामले को बेहद गंभीर मानते हुए यह फैसला सुनाया है।

फैसले से महिला और बाल सुरक्षा को मिला मजबूत संदेश

कोर्ट के इस फैसले को महिला और बाल सुरक्षा की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

 

Location :  Muzaffarnagar

Published :  21 May 2026, 7:40 PM IST