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गहरे कुएं में गिरे बच्चे को फायर ब्रिगेड ने रेस्क्यू कर मिलाया मां से, दो घंटे चला बचाव अभियान, घटना की जानकारी के लिए पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की रिपोर्ट
फायर ब्रिगेड की टीम ने दिखाया जज़्बा ( सोर्स - रिपोर्टर )
मुरादाबाद: बुधवार सुबह मुरादाबाद में एक दिल को छू लेने वाला दृश्य उस समय देखने को मिला जब फायर ब्रिगेड की टीम ने मुगलपारा क्षेत्र स्थित गवर्नमेंट कॉलेज परिसर में 50 फीट गहरे पुराने कुएं में गिरे बंदर के नन्हे बच्चे को रेस्क्यू कर उसकी मां से मिलाया। यह रेस्क्यू ऑपरेशन करीब दो घंटे तक चला और स्थानीय लोगों समेत सोशल मीडिया पर इसकी जमकर सराहना की जा रही है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, घटना की जानकारी उस समय मिली जब सुबह-सुबह कॉलेज परिसर के पास से गुजर रहे लोगों ने एक बंदर की चीख-पुकार सुनी। पास जाकर देखने पर पता चला कि एक बंदर का बच्चा पुराने और गहरे कुएं में गिर गया है, जिसकी वजह से मां बार-बार कुएं के पास आकर जोर-जोर से चिल्ला रही थी। मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी, जिसके बाद टीम रेस्क्यू वाहन के साथ मौके पर पहुंची।
फायर ब्रिगेड टीम ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। एक फायरमैन रस्सी के सहारे कुएं में उतरा और बेसुध पड़े बंदर के बच्चे को बचाने की कोशिश की। लेकिन रेस्क्यू आसान नहीं था, क्योंकि बार-बार रस्सी पकड़ाने पर भी बच्चा फिसल कर वापस गिर जाता था। उसकी मां कुएं के पास व्याकुल होकर बार-बार इधर-उधर चक्कर काट रही थी और अपने बच्चे को बचाने के लिए लगातार चीख रही थी।
कुएं में फंसा बंदर का बच्चा ( सोर्स - रिपोर्टर )
करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आखिरकार फायर कर्मी ने सूझबूझ और धैर्य से बंदर के बच्चे को सुरक्षित पकड़ लिया और बाहर निकालने में सफल रहा। बच्चे को बाहर निकालते ही उसकी मां तेजी से पास आई और उसे गोद में लेकर वहां से चली गई। यह भावुक पल वहां मौजूद लोगों की आंखें नम कर गया।
इस साहसिक और मानवीय रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद फायर ब्रिगेड टीम की चारों ओर सराहना हो रही है। सोशल मीडिया पर इस घटना की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रही हैं, जिसमें फायर ब्रिगेड कर्मियों के जज्बे और संवेदनशीलता की जमकर प्रशंसा की जा रही है।
स्थानीय लोगों ने भी फायर ब्रिगेड का आभार जताया और कहा कि यह रेस्क्यू ऑपरेशन यह साबित करता है कि इंसानियत सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि बेजुबान जानवरों के लिए भी संवेदनशीलता जरूरी है।