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संगठनों ने कार्रवाई की मांग उठाई (Source: Pinterest )
Lucknow: लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र में कथित धर्मांतरण के आरोपों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। स्थानीय अधिवक्ताओं, सामाजिक संगठनों और कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि गरीब और जरूरतमंद लोगों को विभिन्न प्रकार की सहायता देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और विभिन्न पहलुओं पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
एडवोकेट पुष्पेंद्र सिंह और प्रदीप सिंह ने दावा किया कि दलित, पिछड़े और सामान्य वर्ग के लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए अलग-अलग आर्थिक प्रलोभन दिए जाते हैं। वहीं विश्व हिंदू परिषद के रक्षक खंड मोहनलालगंज प्रमुख प्रदीप रावत ने कहा कि संगठन पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेगा। उनका कहना है कि यदि मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
सामाजिक कार्यकर्ता श्रवण कुमार गौतम ने भी कथित धर्मांतरण का विरोध करते हुए कहा कि लालच देकर धर्म परिवर्तन कराना गलत है। उन्होंने मांग की कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कथित नेटवर्क पिछले करीब 20 वर्षों से क्षेत्र में सक्रिय है। उनका दावा है कि वर्षों पहले बच्चों की पढ़ाई के नाम पर गांवों में केंद्र खोले गए और धीरे-धीरे परिवारों से संपर्क बढ़ाया गया। इसके बाद जरूरतमंद लोगों की सहायता के बहाने धार्मिक प्रचार किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इन दावों की पुष्टि फिलहाल जांच के बाद ही हो सकेगी।
कुछ ग्रामीणों का कहना है कि बीमार लोगों का मुफ्त इलाज कराया गया और जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई। इसके बाद कथित रूप से उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस इन दावों की भी जांच कर रही है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में निगोहां, नगराम और गोसाईंगंज क्षेत्रों में भी कुछ गतिविधियों की जानकारी मिलने की बात सामने आई है। इंस्पेक्टर मोहनलालगंज रामबाबू सिंह ने बताया कि मामले की जांच तेजी से की जा रही है। सभी इनपुट एकत्र किए जा रहे हैं और यदि जांच में किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Location : Lucknow
Published : 29 July 2026, 12:07 PM IST
Topics : Lucknow UP Crime News UP News