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इस घटना में, SDM और ADM के वाहनों सहित पुलिस के एक दर्जन वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और दो दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए। राजमार्ग चार घंटे तक बंदरहा, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
छाता हाईवे पर फायरिंग ( Img: Google)
Mathura: उत्तर प्रदेश के मथुरा में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब उपद्रवियों के एक समूह ने गोलीबारी शुरू कर दी। यह पूरी घटना छाता हाईवे पर हुई। रविवार सुबह यहां हुई झड़प के दौरान, जिसमें उपद्रवियों ने छह राउंड गोलियां चलाईं पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 32 रबर बुलेट चलाई। इसके अलावा भीड़ को तितर-बितर करने के लिए 40 आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अठारह लोगों को हिरासत में लिया है।
इस घटना के संबंध में 30 नामजद लोगों और 250 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने 13 उपद्रवियों और अफवाह फैलाने वालों को गिरफ्तार किया है, जिनमें हरियाणा के चार लोग भी शामिल हैं। झड़प के दौरान, एसडीएम और एडीएम सहित पुलिस के एक दर्जन वाहनों को नुकसान पहुंचा। हाईवे पर स्थित कस्बा पुलिस चौकी का बैनर भी पत्थरबाजी के दौरान फट गया। पुलिस ने घटनास्थल से 12-बोर का एक खाली कारतूस भी बरामद किया है।
कोसी कलां थाना क्षेत्र के अंतर्गत नविपुर गांव (कोटवन पुलिस चौकी के अधिकार क्षेत्र में) के पास एक दुर्घटना में, अजनोख गांव में स्थित गौशाला के caretaker (देखभाल करने वाले) चंद्रशेखर, उर्फ "फरसा वाले बाबा" का निधन हो गया। यह आरोप लगाते हुए कि गौ-तस्करों ने जानबूझकर उन्हें वाहन से कुचलकर मार डाला, गौ-रक्षकों ने शनिवार सुबह 7:30 बजे विरोध प्रदर्शन किया।
उन्होंने शव को सड़क पर रखकर कस्बा पुलिस चौकी (छाता थाना क्षेत्र के अंतर्गत) के पास हाईवे पर यातायात को पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया। हंगामा शुरू होने के कुछ ही देर बाद, पत्थरबाजी और गोलीबारी शुरू हो गई।
झड़प के दौरान, एसडीएम, एडीएम और सीओ सहित पुलिस के एक दर्जन वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। उपद्रवियों द्वारा गोलीबारी के छह राउंड चलाए गए। स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि हालात को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को 32 रबर बुलेट चलानी पड़ीं। उन्हें 40 आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। पत्थरबाज़ी के दौरान, पत्थरों की चोट लगने से कस्बा पुलिस चौकी का बैनर फट गया।
लगभग चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद, आखिरकार स्थिति को काबू में कर लिया गया। इसके बाद NHAI ने हाईवे से पत्थर हटाने और इलाके की सफ़ाई के लिए अपने कर्मचारियों को तैनात किया। इसके अलावा हाईवे को झाड़-बुहारकर साफ़ किया गया ताकि उसकी स्थिति पहले जैसी हो सके।
इस झड़प में दो दर्जन पुलिसकर्मी भी घायल हुए जिनमें से छह की हालत गंभीर है। SP (ग्रामीण) सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि सभी घायल व्यक्तियों की मेडिकल जाँच की जा चुकी है। सभी पुलिसकर्मी अब खतरे से बाहर हैं।
शनिवार सुबह छाता हाईवे पर हुई अशांति के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई। पत्थरबाज़ी होते देख कई चालकों ने अपने वाहन पीछे हटाने की कोशिश की, लेकिन उसके बाद लगे ट्रैफ़िक जाम के कारण वे उस इलाके से बाहर नहीं निकल पाए।
देखते ही देखते, हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम में फँसे यात्रियों को काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लगभग चार घंटे बाद सुबह 11:30 बजे जब ट्रैफ़िक बहाल हुआ तब जाकर यात्रियों ने राहत की साँस ली। तभी हाईवे पर फँसे वाहन आखिरकार आगे बढ़ पाए।