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देवरिया अग्निकांड(Source: Google)
Deoria: जिलाधिकारी दिव्या मित्तल द्वारा पराली न जलाने के सख्त निर्देशों के बावजूद जनपद में प्रशासनिक लापरवाही का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र में पराली की आग की चपेट में आने से मुसाफिर निषाद नामक व्यक्ति की तड़प-तड़प कर दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना ने स्थानीय प्रशासन की मुस्तैदी और दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना रुद्रपुर कस्बे से महज 1 किलोमीटर दूर रुद्रपुर-पिडरा मार्ग की है। चश्मदीदों के मुताबिक, खेतों में जल रही पराली की आग तेज हवा के कारण सड़क तक आ गई। मुसाफिर निषाद अपने बच्चे के साथ वहां से गुजर रहे थे, तभी आग की भीषण लपटों ने उन्हें अपनी आगोश में ले लिया। लगभग 30 मिनट तक मुसाफिर आग में जलते रहे और मदद के लिए चीखते-चिल्लाते रहे, लेकिन लपटें इतनी जबरदस्त थीं कि कोई पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। अंततः उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
इस भीषण अग्निकांड में मुसाफिर का छोटा बच्चा भी आग की चपेट में आ गया था। मौके पर मौजूद शैलेश नाम के एक युवक ने अपनी जान जोखिम में डालकर बच्चे को आग से बाहर निकाला। बच्चे को बचाने के प्रयास में शैलेश की बाइक भी जलकर राख हो गई। पुलिस ने 112 नंबर की गाड़ी से बच्चे को तत्काल सीएचसी (CHC) पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उसकी हालत खतरे से बाहर बताई है।
मृतक मुसाफिर निषाद गौरी बाजार थाना क्षेत्र के ग्राम विरवा (तरकुलहा टोला) के निवासी थे। वह रोजी-रोटी के लिए बाहर रहते थे और हाल ही में एक मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने गांव आए थे। अपनी बहन के घर से वापस लौटते समय यह हादसा उनके लिए काल बन गया। मुसाफिर अपने परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे; उनकी मौत से पत्नी का सुहाग उजड़ गया और मासूम के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) हरिराम यादव, रुद्रपुर कोतवाली प्रभारी और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फायर ब्रिगेड, फॉरेंसिक टीम और एंबुलेंस को बुलाया गया। क्षेत्राधिकारी की देखरेख में घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए देवरिया भेज दिया है।
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स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी रोष है। आरोप है कि यदि तहसील प्रशासन मुस्तैद रहता और पराली जलाने पर प्रभावी रोक लगाता, तो यह जानलेवा घटना नहीं होती। इसके अलावा, रुद्रपुर टाउन एरिया का सारा कचरा भी सड़क किनारे फेंका जा रहा है, जिसमें गर्मी के कारण अक्सर आग लग जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक मशीनरी अपनी जिम्मेदारी से मुकर रही है, जिसके कारण मुसाफिर जैसे निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है।
Location : Deoria
Published : 19 April 2026, 12:45 AM IST
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