गोरखपुर पुलिस ने कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए राजपत्रित अधिकारियों के कार्यों का नया आवंटन किया है। कई महत्वपूर्ण पदों पर तैनात अधिकारियों के दायित्व बदले गए हैं, जिनमें खजनी, चौरी-चौरा, अपराध शाखा और गोरखनाथ मंदिर सुरक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र शामिल हैं।

पुलिस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बड़ा फेरबदल
Gorakhpur: जिले में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में पुलिस विभाग ने राजपत्रित अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बड़ा फेरबदल किया है। नए आदेश के तहत खजनी, चौरी-चौरा, अपराध शाखा और गोरखनाथ मंदिर सुरक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अधिकारियों की तैनाती बदली गई है। इस प्रशासनिक बदलाव को बेहतर निगरानी, अपराध नियंत्रण और फील्ड स्तर पर समन्वय मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
जारी आदेश के अनुसार पुलिस विभाग ने प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए कई क्षेत्राधिकारियों के दायित्वों में परिवर्तन किया है। दीपांशी राठौर को क्षेत्राधिकारी कार्यालय से हटाकर अब क्षेत्राधिकारी खजनी बनाया गया है। खजनी क्षेत्र को ग्रामीण और अर्धशहरी इलाकों के कारण संवेदनशील माना जाता है, जहां अपराध नियंत्रण के साथ-साथ जनसंपर्क भी अहम होता है।
रत्नेश्वर सिंह, जो अब तक गोरखनाथ मंदिर सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, उन्हें क्षेत्राधिकारी चौरी-चौरा का दायित्व दिया गया है। चौरी-चौरा क्षेत्र ऐतिहासिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ कानून-व्यवस्था के लिहाज से भी संवेदनशील माना जाता है।
वहीं मनीश शर्मा को चौरी-चौरा से स्थानांतरित कर क्षेत्राधिकारी कार्यालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे कार्यालयी समन्वय और निगरानी कार्यों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
उदय प्रताप सिंह को क्षेत्राधिकारी अपराध से हटाकर गोरखनाथ मंदिर सुरक्षा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को अत्यंत संवेदनशील माना जाता है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और विशेष अवसरों पर सुरक्षा की अतिरिक्त चुनौती रहती है।
वहीं कमलेश कुमार सिंह को क्षेत्राधिकारी खजनी से स्थानांतरित कर क्षेत्राधिकारी अपराध बनाया गया है। क्षेत्राधिकारी अपराध की भूमिका पूरे जिले के गंभीर मामलों की मॉनिटरिंग, संगठित अपराध पर नजर और विभिन्न थानों के बीच समन्वय से जुड़ी होती है। ऐसे में इस पद पर नियुक्ति को अपराध नियंत्रण की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य केवल पदस्थापन नहीं, बल्कि जिम्मेदारियों का बेहतर उपयोग कर फील्ड स्तर पर प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करना है।
पुलिस प्रशासन के अनुसार यह फेरबदल नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन इसके माध्यम से जवाबदेही बढ़ाने और क्षेत्रीय निगरानी को मजबूत करने का प्रयास किया गया है। नए दायित्व मिलने के बाद सभी अधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अपराध रोकथाम, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आमजन से संवाद को प्राथमिकता देंगे।
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स्थानीय स्तर पर इस बदलाव को लेकर चर्चा तेज है और माना जा रहा है कि नए कार्यक्षेत्रों में अधिकारियों की सक्रियता से पुलिसिंग को और मजबूती मिलेगी। खासकर अपराध शाखा और मंदिर सुरक्षा जैसे संवेदनशील विभागों में हुए बदलाव को प्रशासनिक रूप से रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
प्रशासन को उम्मीद है कि इन नियुक्तियों से जिले में अपराध पर अंकुश लगेगा, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ेगी और पुलिस-जन संवाद बेहतर होगा। कुल मिलाकर यह फेरबदल गोरखपुर में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।